{"_id":"5fa49fd7a98c053f5e53fd32","slug":"us-election-2020-us-president-announces-new-president-just-few-thousand-votes-away","type":"story","status":"publish","title_hn":"US Election Results 2020: अमेरिका में नए राष्ट्रपति का एलान बस कुछ हजार वोट दूर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US Election Results 2020: अमेरिका में नए राष्ट्रपति का एलान बस कुछ हजार वोट दूर
Fri, 06 Nov 2020 11:55 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 06 Nov 2020 11:55 AM IST
विज्ञापन
US election trump & biden
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Election Result In US 2020: रणनीतिक रूप से अहम कुछ राज्यों में कुछ हजार वोटों की गिनती के साथ ही नए अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम तय हो जाएगा। इन राज्यों में डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडन और राष्ट्रपति व रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच मामूली मतों का ही अंतर होने से इन राज्यों में मतों की गिनती महत्वपूर्ण हो गई है। 20 वोट वाले पेंसिल्वेनिया इनमें सबसे अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
पेंसिल्वेनिया: 28 हजार वोट गिनने बाकी
बस काउंटी में 28,000 मतों की गणना बाकी है। 3.56 लाख वोट गिने गए हैं। इनमें से इनमें से 1,77019 वोट बिडेन और 173467 वोट ट्रंप को मिले। फिलाडेल्फिया काउंटी में डाक से आए 1.40 लाख मतों की गणना बाकी है। चुनाव आयुक्त लीजा डीले का अनुमान है कि कुल 3.50 लाख डाक मतपत्र यहां पहुंच सकते हैं। उधर जॉर्जिया में 50 हजार और एरिजोना में करीब 80 हजार मतों की गिनती होनी है।
विज्ञापन
हथियार लेकर ट्रंप समर्थकों ने एरिजोना के चुनाव केंद्र को घेरा
राइफल और हैंडगन लेकर आए ट्रंप समर्थकों ने बुधवार को एरीजोना के चुनाव केंद्र को घेर लिया। बताया जा रहा है कि इसकी वजह अफवाह थी कि ट्रंप के वोट गिने ही नहीं जा रहे हैं। गुस्साए समर्थकों ने नारेबाजी भी की। हालांकि, क्षेत्रीय अधिकारियों ने इस अफवाह को खारिज किया।
विज्ञापन
कुछ समाचार संस्थानों ने 11 इलेक्टोरल वोट रखने वाले एरिजोना में बिडेन को जीतता हुआ दिखाया था। वास्तविकता में यहां कांटे की टक्कर चल रही थी। इसे लेकर कई दक्षिणपंथ समर्थकों ने फॉक्स न्यूज जैसे संस्थानों पर सोशल मीडिया पर कड़ी टिप्पणियां की, जिससे सड़कों पर तनाव बढ़ गया।