भारतवंशियों के बीच ट्रंप पर भारी पड़ रहे बिडेन, संयुक्त सर्वे में काफी आगे निकले डेमोक्रेट उम्मीदवार
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अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारतवंशियों की भूमिका कितनी अहम है इसका पता इसी बात से चलता है कि देश की बड़ी सर्वे एजेंसियां भारतीय-अमेरिकियों पर अलग से सर्वेक्षण कर रही हैं। एक सर्वे में पता चला है कि रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के भारतवंशी वोट बैंक में सेंध लग गई है क्योंकि भारतीय-अमेरिकी बहुमत डेमोक्रेट उम्मीदवार बिडेन को समर्थन कर रहा है।
बुधवार को जारी हुए इस सर्वे में पता चला है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के 66 फीसदी लोग जो बिडेन के पक्ष में हैं जबकि डोनाल्ड ट्रंप को सिर्फ 28 फीसदी लोग ही अपना नेता मानते हैं। छह फीसदी लोगों ने कोई रुझान नहीं दिया। भारतवंशी नेताओं के गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा और एशियन अमेरिकन पेसिफिक आइलैंडर्स ने भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के व्यवहार पर यह संयुक्त रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट में यह पाया गया कि हाल ही में भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों में अहम भूमिका निभाने के बावजूद ट्रंप अपने चुनाव अभियान में भारतवंशियों को लुभा नहीं पा रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने 2016 के मुकाबले भारतवंशी समुदाय पर अपनी पकड़ बनाई है क्योंकि उस वक्त ट्रंप के पक्ष में सिर्फ 16 फीसदी वोटर ही थे जबकि प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को 77 फीसदी भारतीय-अमेरिकियों ने समर्थन दिया था।
सियासी दलों को भारी चंदा भी दिया
सबसे अधिक कमाई वाले भारतीय-अमेरिकियों ने दोनों सियासी दलों को भारी चंदा भी दिया है। एक चौथाई लोगों का कहना है कि उन्होंने इस साल उम्मीदवार, राजनीतिक पार्टी या किसी अन्य अभियान को 30 लाख डॉलर दान दिया है। सर्वेक्षण के निष्कर्षों के अनुसार, दोनों पक्षों द्वारा भारतीय-अमेरिकी समुदाय को आक्रामक तरीके से लुभाया जा रहा है।
- विज्ञान पत्रिका ने राष्ट्रपति पद के बतौर बिडेन का किया समर्थन
175 साल में पहली बार किसी प्रत्याशी का पक्ष लिया
अमेरिका की सबसे पुरानी विज्ञान पत्रिका ‘साइंटिफिक अमेरिकन’ ने देश के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी जो बिडेन का समर्थन करने का फैसला किया है। पत्रिका ने 175 वर्ष के अपने लंबे इतिहास में कभी राष्ट्रपति पद के चुनाव में किसी भी उम्मीदवार का अनुमोदन नहीं किया है।
पत्रिका की प्रधान संपादक लॉरा हेल्मथ ने कहा कि पत्रिका को जितना अंदेशा था, राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन वैज्ञानिक समुदाय के लिए उससे कहीं ज्यादा खराब साबित हुआ है। पत्रिका ने बिडेन के प्रति अपना समर्थन मंगलवार को ऑनलाइन पोस्ट किया। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भी कहा, ‘साक्ष्य बताते हैं कि ट्रंप ने मूल रूप से अमेरिका और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाया है क्योंकि वह सबूत और विज्ञान को नकारते हैं।’