{"_id":"6614c566383df678960f9585","slug":"us-deal-between-israel-and-hamas-to-secure-the-release-of-several-hostages-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Israel Hamas War: '40 बंधक अब जिंदा नहीं हैं', रिहाई को लेकर अमेरिका ने दबाव बनाया तो हमास की खुली पोल","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Israel Hamas War: '40 बंधक अब जिंदा नहीं हैं', रिहाई को लेकर अमेरिका ने दबाव बनाया तो हमास की खुली पोल
Tue, 09 Apr 2024 10:10 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 09 Apr 2024 10:10 AM IST
सार
हमास के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ग्रुप (हमास) ने काहिरा में हुए बैठक में इस्राइली युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया, क्योंकि यह फलस्तीन के किसी भी मांग को पूरा नहीं कर रहा है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) ने गाजा में 40 बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए इस्राइल और हमास के बीच समझौते को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के दो दिन बाद ही हमास ने बताया कि जिन 40 बंधकों की रिहाई की बात की जा रही है, वे अब जिंदा नहीं है। हमास ने मध्यस्थों से यह भी बताया कि उनके पास काफी कम बंधक हैं। हालांकि, उनकी तरफ से बंधकों की संख्या अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
अमेरिका ने रखा समझौता प्रस्ताव
हमास ने बताया कि बंधकों में जिंदा नहीं रहने वालों में महिलाएं, बच्चे और बीमार शामिल हैं। अमेरिका पिछले छह सप्ताह से बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौते का प्रस्ताव रख रहा था। इस बीच सीआईए निदेशक बिल बर्न्स ने रविवार को काहिरा में इस्राइल के मोसाद के प्रमुख, कतर के प्रधानमंत्री और मिस्र के जासूस प्रमुख से मुलाकात की थी।
इस दौरान हमास प्रतिनिधिमंडल भी कहिरा में मौजूद था, उसने मिस्र और कतार के मध्यस्थों से अलग-अलग बैठक की। उसने बताया कि इस प्रस्ताव में कम से कम 700 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई भी शामिल होगी, जिनमे से 100 से अधिक कैदी इस्राइलियों की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
विज्ञापन
हमास ने खारिज किया प्रस्ताव
हमास के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ग्रुप (हमास) ने काहिरा में हुए बैठक में इस्राइली युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने मंगलवार को कहा कि मध्यस्थ के तौर पर कतार और मिस्र से प्राप्त इस्राइल का प्रस्ताव फलस्तीन के किसी भी मांग को पूरा नहीं कर रहा है। हमास ने आगे कहा कि इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाएगा और मध्यस्थ को इसके बारे में बताएगा।
पिछले साल सात अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर हवाई हमले किए। हमास ने इस दौरान 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें से 133 बंधक अभी भी हमास के पास है। इस हवाई हमले का जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइल गाजा में लगातार हमले कर रहा है। अबतक गाजा में 33,000 से भी अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
अमेरिका ने रखा समझौता प्रस्ताव
हमास ने बताया कि बंधकों में जिंदा नहीं रहने वालों में महिलाएं, बच्चे और बीमार शामिल हैं। अमेरिका पिछले छह सप्ताह से बंधकों की रिहाई के लिए हमास के साथ समझौते का प्रस्ताव रख रहा था। इस बीच सीआईए निदेशक बिल बर्न्स ने रविवार को काहिरा में इस्राइल के मोसाद के प्रमुख, कतर के प्रधानमंत्री और मिस्र के जासूस प्रमुख से मुलाकात की थी।
विज्ञापन
इस दौरान हमास प्रतिनिधिमंडल भी कहिरा में मौजूद था, उसने मिस्र और कतार के मध्यस्थों से अलग-अलग बैठक की। उसने बताया कि इस प्रस्ताव में कम से कम 700 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई भी शामिल होगी, जिनमे से 100 से अधिक कैदी इस्राइलियों की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।
विज्ञापन
हमास ने खारिज किया प्रस्ताव
हमास के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ग्रुप (हमास) ने काहिरा में हुए बैठक में इस्राइली युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने मंगलवार को कहा कि मध्यस्थ के तौर पर कतार और मिस्र से प्राप्त इस्राइल का प्रस्ताव फलस्तीन के किसी भी मांग को पूरा नहीं कर रहा है। हमास ने आगे कहा कि इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाएगा और मध्यस्थ को इसके बारे में बताएगा।
पिछले साल सात अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर हवाई हमले किए। हमास ने इस दौरान 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें से 133 बंधक अभी भी हमास के पास है। इस हवाई हमले का जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइल गाजा में लगातार हमले कर रहा है। अबतक गाजा में 33,000 से भी अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।