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US Birthright Citizenship: अब सिएटल के संघीय जज ने राष्ट्रपति के आदेश पर लगाई रोक, 18 दिन में तीसरा मामला

Fri, 07 Feb 2025 01:03 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिएटल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिएटल Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 07 Feb 2025 01:03 AM IST
सार

20 जनवरी को राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। बीते 18 दिन में यह तीसरा मामला है, जब संघीय न्यायाधीश ने उनके आदेश पर रोक लगाई है। 
 

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US birthright citizenship Seattle federal judge John Coughenour blocks President Trump Order
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो दिन में दूसरी बार बड़ा झटका लगा है। एक और संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप के जन्म से नागरिकता समाप्त करने के कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है। ट्रंप ने उन माता-पिता के बच्चों के लिए जन्म से नागरिकता समाप्त करने का आदेश दिया है, जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं। 20 जनवरी को राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। बीते 18 दिन में यह तीसरा मामला है, जब संघीय न्यायाधीश ने उनके आदेश पर रोक लगाई है।

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सिएटल में अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन कफनर ने बृहस्पतिवार को संविधान के साथ प्रशासन के व्यवहार की निंदा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ट्रंप एक कार्यकारी आदेश के जरिये इसे बदलने की कोशिश कर रहे हैं। 
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इससे पहले मैरीलैंड के संघीय न्यायाधीश ने आदेश पर लगाई रोक
यह ताजा कार्यवाही मैरीलैंड के एक संघीय न्यायाधीश द्वारा अप्रवासी अधिकार समूहों और गर्भवती महिलाओं से जुड़े एक अलग, लेकिन समान मामले में राष्ट्रव्यापी रोक जारी करने के एक दिन बाद हुई, जिनके जल्द ही पैदा होने वाले बच्चे प्रभावित हो सकते हैं।
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क्या है ट्रंप प्रशासन का दावा?
डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का तर्क है कि अवैध अप्रवासियों के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि वे अमेरिका के 'न्याय क्षेत्र' में नहीं आते। सरकार का कहना है कि संविधान में ऐसा कोई 'वरदान' नहीं है जिससे अप्रवासियों के बच्चों को नागरिकता मिले।
 

अदालत में ट्रंप के फैसले का विरोध
इस आदेश के खिलाफ 22 राज्यों और कई मानवाधिकार संगठनों ने मुकदमा दायर किया है। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के समूह और अप्रवासी अधिकार संगठनों ने भी इसे चुनौती दी है। अदालत में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जन्म से नागरिकता मिलना अमेरिका की लोकतांत्रिक परंपरा का एक मजबूत आधार है।  



ट्रंप के फैसले पर राजनीतिक मतभेद
इस मुद्दे पर अमेरिका में गहरी राजनीतिक खाई बन गई है। 22 डेमोक्रेटिक राज्यों ने इस आदेश के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जबकि 18 रिपब्लिकन राज्यों के अटॉर्नी जनरल ट्रंप के पक्ष में उतर आए हैं। बता दें कि, ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति बनने के पहले हफ्ते में ही 10 कड़े प्रवासी कानून लागू किए थे। इनमें से कुछ तुरंत लागू हो गए, जबकि कुछ पर कानूनी अड़चनें आईं। आगे यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। अमेरिका दुनिया के उन 30 देशों में शामिल है जहां 'जन्म से नागरिकता' का कानून लागू है। इनमें कनाडा और मैक्सिको भी शामिल हैं। इस आदेश के कानूनी भविष्य पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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