UN: 'आग से दूर हट जाओ, ट्रंप का हाथ थाम लो', संयुक्त राष्ट्र की बैठक में अमेरिका ने ईरान को दी सलाह
तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव बढ़ने के साथ ही ईरान ने यूरेनियम का उत्पादन बढ़ा दिया है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने बताया है कि ईरान के पास 440 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम है, जिसे 60 फीसदी तक संवंर्धित किया गया है।
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ईरान और अमेरिका ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक विवादास्पद बैठक में कूटनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की। हालांकि, परमाणु समझौते पर ट्रंप प्रशासन और इस्लामिक गणराज्य के बीच की खाई अभी भी गहरी बनी हुई है।
जून में ईरान के साथ इस्राइल के 12 दिन चले युद्ध के तुरंत बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता का छठा दौर निर्धारित किया गया था। इस दौरान अमेरिका ने इस्राइल के साथ मिलकर ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। वार्ता रद्द कर दी गई और सितंबर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष परमाणु वार्ता को नकार दिया।
'भरोसे को बहाल करें पश्चिमी देश', UN में बोला ईरान
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को बताया कि ईरान सैद्धांतिक कूटनीति और वास्तविक बातचीत के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अब फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वे अपना रुख बदलें और विश्वास और भरोसे को बहाल करने के लिए ठोस और विश्वसनीय कदम उठाएं।
दोनों देशों के राजनयिकों के बीच बातचीत में अमेरिकी मिशन की काउंसलर मॉर्गन ओर्टागस ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ औपचारिक वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन केवल तभी जब तेहरान प्रत्यक्ष और सार्थक बातचीत के लिए तैयार हो।
ईरानी राजदूत बोले- किसी दबाव और धमकी के आगे नहीं झुकेंगे
ओर्टागस ने कहा कि ट्रंप ने अपने दोनों कार्यकालों के दौरान ईरान की ओर कूटनीति का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने कहा, 'कूटनीति का हाथ थामने के बजाय, आप आग में हाथ डालना जारी रखे हुए हैं। आग से दूर हट जाइए और राष्ट्रपति ट्रंप की कूटनीति के हाथ को थाम लीजिए। यह हाथ आपकी ओर बढ़ाया गया है।'
हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि ईरान के अंदर परमाणु सामग्री का संवर्धन नहीं हो सकता, जो विवाद का एक प्रमुख मुद्दा है। इस पर इरावानी ने कहा कि शून्य संवर्धन पर अमेरिका का अड़ियल रवैया 2015 के समझौते के तहत ईरान के अधिकारों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव और धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
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