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UNSC: शांतिरक्षा का काम बेहद चुनौतीपूर्ण, भारत बोला- दुनिया में सबसे ज्यादा योगदान हमारा

Wed, 07 Sep 2022 10:57 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 07 Sep 2022 10:57 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबाेज ने कहा, शांतिरक्षा के प्रति सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता है। शांतिरक्षक अभियानों में जो समस्याएं आ रही हैं उनका समाधान करने की जरूरत है।

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UNSC Peacekeeping is very challenging, India said - we have most contribution in the world
Ruchira Kamboj, Ambassador of India to UN - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कामकाज को लेकर भारत ने मंगलवार को सवाल खड़े किए। भारत ने कहा, संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इसलिए सुरक्षा परिषद के इस दिशा में काम करने के तरीके की पुनः समीक्षा होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबाेज ने कहा, संयुक्त राष्ट सुरक्षा परिषद में शांतिरक्षा के काम में राजनीतिक प्रक्रिया पर ध्यान कम होता जा रहा है। 

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रुचिरा कांबोज ने कहा, शांतिरक्षा के प्रति सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली की समीक्षा की आवश्यकता है। शांतिरक्षक अभियानों में जो समस्याएं आ रही हैं उनका समाधान करने की जरूरत है।
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भारत का योगदान सबसे ज्यादा 
कांबोज ने कहा, शांतिरक्षा के अभियानों में भारत का योगदान दुनिया में सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा, वर्तमान में भारत के 5700 से ज्यादा शांतिरक्षक 12 में से नौ अभियानों में तैनात हैं। इन अभियानों में अब तक भारत के 177 शांतिरक्षकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है जो कि दुनिया में किसी भी देश से सबसे ज्यादा है। 
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वास्तविक लक्ष्य बताए जाने की जरूरत
भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि शांतिरक्षा के अभियानों में शांतिरक्षकों को स्पष्ट और वास्तविक लक्ष्य बताए जाने की जरूरत है और उन्हें उसके अनुसार संसाधन भी दिए जाने चाहिए। कांबोज ने कहा, शांतिरक्षकों को सबसे ज्यादा समस्या तब उत्पन्न होती है जब शांतिरक्षा अभियानों में पुलिसकर्मी और सैन्यकर्मी भेजने वाले देशों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, इस समस्या का जितना जल्दी हो सके निवारण करना होगा। उन्होंने कहा, शांतिरक्षा अभियान एक सामूहिक प्रयास होता है इसलिए किसी अभियान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय सैन्यकर्मियों, असैन्य नागरिकों और नेतृत्व समेत अभियान के सभी अंगों पर विचार किया जाना चाहिए।


भारत के स्थाई मिशन ने कही यह बात
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन ने कहा कि 8-9 सितंबर को आयोजित होने वाली आतंकवाद के पीड़ितों की पहली संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कांग्रेस 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के पीड़ितों सहित दुनिया भर में आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि होगी। 

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