नफरत फैलाने वाली सामग्री से जूझ रहा फेसबुक, भाषाओं की बाढ़ से बढ़ रही समस्या
- फेसबुक पर 31 ऐसी बोलियों का हो रहा इस्तेमाल, जिन्हें आधिकारिक समर्थन प्राप्त नहीं
- घृणा सामग्री की पहचान करने के लिए फेसबुक ने 15 हजार भाषा ज्ञानियों की बनाई टीम
- इस साल मार्च तक 111 भाषाओं में से केवल 41 भाषाओं के कंटेंट का ही अनुवाद हो सका
- सोशल मीडिया साइट के 2.3 अरब यूजर्स को 11 भाषाओं में मिलता है मेन्यू और प्रॉम्प्ट
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विस्तार
फेसबुक अपने प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने वाले कंटेंट से जूझ रहा है। घृणा फैलाने वाले इस कंटेंट के पीछे फेसबुक में आई भाषाओं की बाढ़ है। यह सोशल मीडिया साइट अपने 2.3 अरब यूजर्स को आधिकारिक तौर पर 111 भाषाओं में मेन्यू और प्रॉम्प्ट प्रदान करता है। लेकिन इस बीच फेसबुक पर 31 ऐसी बोली जाने वाली भाषाओं का पता चला है, जिन्हें फेसबुक से आधिकारिक समर्थन प्राप्त नहीं है। यही बोलियां फेसबुक को घृणा सामग्री से निपटने में मुश्किल पैदा कर रही है। दुनिया में स्मार्टफोन जैसे-जैसे अपना विस्तार कर रहा है, यह समस्या और भी बढ़ती जा रही है।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नफरत फैलाने और हिंसा को बढ़ावा देने वाले कंटेंट के लिए मान्य सामुदायिक मानक के नियम आक्रामक सामग्री को पोस्ट करने से रोकते हैं, लेकिन इस साल मार्च तक 111 भाषाओं में से केवल 41 भाषाओं के कंटेंट का ही अनुवाद किया जा सका है। जबकि फेसबुक पहले से ही 31 ऐसी बोलियों से जूझ रहा है जिसे वह पहचानता नहीं।
15 हजार भाषा ज्ञानियों की टीम
फेसबुक ने घृणा सामग्री की पहचान के लिए 15 हजार भाषा ज्ञानियों की टीम बनाई हुई है, जो 50 भाषाओं पर पकड़ रखती है। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह जरूरत पड़ने पर पेशेवर अनुवादकों को भी काम कर रखती है। जबकि 30 भाषा की घृणा सामग्री पर नियंत्रण के लिए स्वचालित उपकरण काम कर रहे हैं।