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अफगानिस्तान में महिला अधिकारी कार्यकर्ता की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर की हत्या
Sat, 26 Dec 2020 02:47 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, काबुल
एजेंसी, काबुल
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 26 Dec 2020 02:47 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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अफगानिस्तान में एक महिला अधिकारी कार्यकर्ता की अज्ञात हमलावर ने उत्तरी कपिसा प्रांत में गोली मारकर हत्या कर दी। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक अरियन ने बताया कि फ्रेस्ता कोहिस्तानी की हत्या कपिसा के कोहिस्तान जिले में मोटरसाइकल पर सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने कर दी। इस आतंकी वारदात में फ्रेस्ता का भाई भी घायल हुआ है।
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अफगान-तालिबान शांतिवार्ता के दौरान बढ़ी आतंकी वारदातें
यह हत्या ऐसे समय में हुई है जब आतंकवादी संगठन तालिबान और अफगान सरकार के बीच संघर्ष समाप्त करने व शांति समझौते पर पहुंचने के लिए कतर में बातचीत हो रही है लेकिन अफगानिस्तान में हिंसा का दौर जारी है। बृहस्पतिवार को हुए इस हमले की अभी तत्काल किसी आतंकी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इस्लामिक स्टेट ने हाल में काबुल में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।
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इन हमलों में शैक्षणिक संस्थानों पर हमले भी शामिल हैं, जिनमें 50 लोगों की मौत हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि फ्रेस्ता कोहिस्तानी प्रांतीय परिषद की पूर्व सदस्य रही हैं और अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाती रही हैं। उन्होंने मौजूदा हालात पर कई विरोध प्रदर्शनों का भी आयोजन भी किया।
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तीन दिन में तीन कार्यकर्ताओं की हत्या
तीन दिनों के भीतर तीन कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। काबुल में बुधवार को लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता मोहम्मद यूसुफ रशीद की इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे एक दिन पहले पत्रकार रहमतुल्लाह नेकजाद की पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी गई। नेकजाद पास की ही मस्जिद की तरफ जा रहे थे तभी उन पर हमला हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अफगानिस्तान में बम धमाके में दो सैन्य अफसरों की मौत, दो घायल
वहीं, अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत बाल्क में शुक्रवार को सड़क किनारे रखे बम से सैन्य वाहन के टकराने से हुए धमाके में दो अधिकारियों की मौत हो गई। सेना के प्रवक्ता हनीफ रीजाई ने बताया कि धमाके में दो सैनिक घायल भी हुए।
सेना के मुताबिक बाल्क और चार बोलाक जिले के बीच हुए इस धमाके में कैप्टन मोहम्मद कासिम पाइकर और एक अन्य अधिकारी की जान चली गई। यह हमला उस वक्त हुआ जब सरकार और तालिबान के बीच कतर में शांति बहाल करने के समझौते पर बातचीत चल रही है। अब तक किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सेना इसके लिए तालिबान को दोषी बता रही है।