फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   United states worst affected by cyber attack on gas pipeline after solarwinds

गैस पाइपलाइन पर साइबर हमले से उठा सवाल: क्या असहाय है अमेरिका?

Wed, 12 May 2021 04:02 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 12 May 2021 04:02 PM IST
सार

रैनसमवेयर के जरिए ये हमला बीते शुक्रवार को हुआ था। इसके कारण साढ़े पांच हजार मील की गैस पाइपलाइन को बंद करना पड़ा। इस पाइपलाइन के जरिए टेक्सस से न्यूयॉर्क तक रोजाना दस करोड़ गैलन गैस की सप्लाई होती है...

विज्ञापन
United states worst affected by cyber attack on gas pipeline after solarwinds
यूएस गैस पाइपलाइन - फोटो : Agency

विस्तार

अमेरिका में कॉलोनियल पाइपलाइन पर हुए साइबर हमले के कारण फ्लोरिडा और वर्जिनिया को अभी भी ईंधन की कमी का सामना करना पड़ा है। दोनों राज्यों ने मंगलवार को आपातकालीन नियम लागू करने की घोषणा की। इसके पहले सोमवार को नॉर्थ कैरोलाइना राज्य में एलान किया गया था कि सप्लाई में बाधा के कारण एक हजार से अधिक गैस स्टेशन बंद करने पड़े हैं। वैसे इस साइबर हमले का असर लगभग दर्जन भर राज्यों पर पड़ा है। जो बाइडन प्रशासन ने दावा किया है कि तेल और गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमाखोरों के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नॉर्थ कैरोलाइना में मंगलवार को 27 फीसदी गैस स्टेशन बंद रहे।

विज्ञापन


रैनसमवेयर के जरिए ये हमला बीते शुक्रवार को हुआ था। इसके कारण साढ़े पांच हजार मील की गैस पाइपलाइन को बंद करना पड़ा। इस पाइपलाइन के जरिए टेक्सस से न्यूयॉर्क तक रोजाना दस करोड़ गैलन गैस की सप्लाई होती है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने हमले के लिए डार्कसाइड नाम के ग्रुप को दोषी ठहराया है। अमेरिकी मीडिया में कहा गया है कि ये ग्रुप रूसी भाषा बोलने वाले लोगों का है। लेकिन डार्कसाइड ने सोमवार को जारी एक बयान में उसने कहा था कि वह गैर राजनीतिक समूह, जिसका मकसद सिर्फ पैसा कमाना है।
विज्ञापन


विशेषज्ञों ने कहा है कि कॉलोनियल पाइपलाइन पर हुए हमले ने एक बार फिर साइबर हमलों से जुड़े खतरों को साफ कर दिया है। वेबसाइट एक्सियोस.कॉम के एक विश्लेषण के मुताबिक अमेरिका में ऊर्जा प्रणाली का बहुत बड़ा हिस्सा साइबर हमलों का शिकार होने की स्थिति में है। इसमें पॉवर ग्रिड से लेकर अलग-अलग बिजली संयंत्र और गैस पाइपलाइन शामिल हैं। इस विश्लेषण के मुताबिक अमेरिका की संघीय और राज्य एजेंसियों ने वर्षों से अपने सिस्टमों को सुरक्षित करने के भरसक उपाय किए हैँ। इसके बावजूद देश की सबसे बड़ी पाइपलाइन पर हमला होना बताता है कि सुरक्षा को लेकर अमेरिका आश्वस्त नहीं हो सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारों के मुताबिक रैनसमवेयर का एक खास मकसद होता है। इसके लिए सिस्टम तक उपभोक्ताओं की पहुंच बाधित कर दी जाती है। ये पहुंच दोबारा तब तक नहीं बन सकती, जब तक उपभोक्ता इसे बहाल करने के लिए भुगतान ना करें। ऐसे में इस तरह के हमलों के समय उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही उनके सामने ये कठिन सवाल भी खड़ा होता है कि क्या उन्हें फिरौती वसूलने वालों को पैसा देना चाहिए।

जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि कॉलोनियल पाइपलाइन अमेरिका का एक महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर है। इसे बहाल करने में अमेरिका की पूरी क्षमता लगाई गई है। इसके बावजूद चार दिन तक स्थितियां सामान्य नहीं हो सकीं। उधर डार्कसाइड ने अपने बयान में लोगों को हुई दिक्कतों के लिए माफी मांगी। उसने कहा- हमारा मकसद पैसा कमाना है, हम समाज में समस्या खड़ी करना नहीं चाहते।

वेबसाइट एक्सियोस की टेक संवाददाता इना फ्राइड के मुताबिक इस हमले ने शहरों और कंपनियों के सामने एक बड़ी दुविधा पैदा कर दी है। सामने हकीकत यह खड़ी है कि वे जितना डिजिटल रूप लेंगे, उनके सिस्टम के लिए जोखिम उतना बढ़ता जाएगा। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने बताया है कि पाइपलाइन ऑपरेटर सेवाओं में सुधार के लिए लगातार डिजिटल तकनीक अपना रहे हैं। मूडीज के मुताबिक इसका एक अर्थ यह भी है कि वे तेल, प्राकृतिक गैस और दूसरी पाइपलाइनों को अधिक से अधिक साइबर हमला करने वालों के निशाने पर ला रहे हैं।


ये हमला अमेरिका में सोलरविंड्स साइबर हमले के पांच महीने बाद हुआ है। उस हमले में अमेरिका के सरकारी विभागों, संस्थानों और कई बड़ी कंपनियों के अहम कंप्यूटर नेटवर्क्स को हमलावरों ने हैक कर लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed