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संयुक्त राष्ट्र: यूएन ने यूक्रेन में युद्धविराम की फिर की अपील, कहा- दुनिया को युद्ध के दुष्परिणामों से बचाना जरूरी
Tue, 29 Mar 2022 05:12 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 29 Mar 2022 05:12 PM IST
सार
यूएन ने एक प्रेस बयान के मुताबिक सोमवार को न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद के बाहर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि युद्धविराम लागू होने से ठोस राजनीतिक वार्ताओं को शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। यूक्रेनी शहरों पर रूसी सैन्य बलों के हमलों और बमबारी के बीच, उन्होंने सचेत किया कि यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित होनी चाहिए...
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एंतोनियो गुटेरेस (फाइल फोटो)
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा है कि यूक्रेन संकट के मुद्दे पर मानवीय आधार पर युद्धविराम लागू किए जाने की जरूरत है। ये अपील जारी करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्धविराम से इस युद्ध के दुनिया भर में पड़ने वाले बुरे नतीजों से निपटने में मदद मिलेगी।
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यूएन ने एक प्रेस बयान के मुताबिक सोमवार को न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद के बाहर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि युद्धविराम लागू होने से ठोस राजनीतिक वार्ताओं को शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। यूक्रेनी शहरों पर रूसी सैन्य बलों के हमलों और बमबारी के बीच, उन्होंने सचेत किया कि यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि लड़ाई पर विराम लगाने से अति-आवश्यक मानवीय सहायता वितरित करने में मदद मिलेगी और आमजन के लिये आवाजाही संभव होगी।
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यूक्रेन में युद्ध के कारण अनेक विकासशील देशों के लिये भूख संकट गहराने की आशंका है, चूंकि रूस और यूक्रेन बड़े कृषि निर्यातक हैं। कोविड-19 महामारी से उबर रहे देशों के लिये वित्तीय संसाधन पहले से ही एक बड़ी चुनौती है और अब खाद्य व ऊर्जा क़ीमतों में भी तेज़ उछाल आ रहा है।
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एक सवाल के जवाब में यूएन महासचिव ने उम्मीद जताई कि रूस इस युद्द में परमाणु या जैविक-रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की शुरुआत से अब तक हज़ारों लोगों की जान गई है, एक करोड़ विस्थापन का शिकार हुए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। साथ ही, बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित ढंग से ध्वस्त किया गया है, और दुनियाभर में भोजन और ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इन गंभीर हालातों को देखते हुए युद्ध को रोकना ही होगा।
उन्होंने आगाह किया कि इस मानवीय त्रासदी का समाधान, मानवीय नहीं हो सकता है, यह राजनैतिक है। महासचिव गुटेरेस ने बताया कि मानवीय राहत मामलों के संयोजन के लिये यूएन प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स, रूस और यूक्रेन में युद्धविराम के लिये तत्काल एक समझौते की संभावनाओं की दिशा में प्रयास करेंगे। इसी कड़ी में, यूएन प्रमुख तुर्की, क़तर, इसराइल, भारत, चीन, फ़्रांस और जर्मनी के साथ संपर्क में हैं, ताकि सार्थक बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके।
यूएन प्रमुख ने जोर देकर कहा कि युद्ध की वजह से जिन लोगों के जीवन में भीषण उथल-पुथल पैदा हुई, संयुक्त राष्ट्र उन्हें सहारा देने के लिये हरसंभव प्रयास कर रहा है। पिछले एक महीने में शरणार्थियों की मेज़बानी करने वाले देशों के लिये समर्थन से इतर, मानवीय राहत एजेंसियों व साझीदार संगठनों ने नौ लाख लोगों तक मदद पहुंचाई है। इनमें मुख्य रूप से पूर्वी यूक्रेन में हैं, जहां भोजन, शरण, कंबल, दवाएं, बोतलबंद पानी और स्वच्छता सामग्री वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फ़िलहाल संयुक्त राष्ट्र के एक हज़ार से अधिक कर्मचारी हैं, जो आठ मानवीय सहायता केंद्रों पर काम कर रहे हैं।