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भारत में बाल मृत्युदर में 1990 से 2019 के बीच काफी कमी आई : संयुक्त राष्ट्र

Wed, 09 Sep 2020 02:05 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र Published by: देव कश्यप Updated Wed, 09 Sep 2020 02:05 PM IST
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United Nations report Child mortality in India decreased significantly between 1990 and 2019
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

भारत में बाल मृत्युदर में 1990 से 2019 के बीच काफी कमी आई है, लेकिन पिछले साल पांच वर्ष से कम आयु के जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से करीब एक तिहाई बच्चे भारत और नाइजीरिया के थे। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

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रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी वैश्विक स्तर पर बाल मृत्यु में आई कमी की दिशा में दशकों में हुई प्रगति पर पानी फेर सकती है।

‘बाल मृत्युदर के स्तर एवं रुझान’ रिपोर्ट 2020 में कहा गया है कि पांच साल से कम आयु के बच्चों की मौत की संख्या 1990 में एक करोड़ 25 लाख से कम होकर 2019 में 52 लाख रह गई।
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इसमें कहा गया है कि पिछले करीब 30 साल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से बाल मृत्युदर में कमी आई है, लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण वैश्विक सेवाओं में बाधा पैदा हुई है, जिनसे बच्चों की मौत की संख्या में गिरावट की दिशा में बड़ी मुश्किल से दशकों में हुई प्रगति पर पानी फिर सकता है।
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मृत्युदर को लेकर यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या प्रभाग और विश्व बैंक समूह द्वारा जारी नए अनुमान के अनुसार, भारत में पांच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्युदर (प्रति 1,000 जीवित बच्चों की मौत) 1990 में 126 से कम होकर 2019 में 34 रह गई।

देश में 1990 से 2019 के बीच पांच साल से कम आयु के बच्चों की मौत में 4.5 प्रतिशत की वार्षिक कमी दर्ज की गई है। भारत में पांच साल से कम आयु के बच्चों की मौत की संख्या 2019 में 8,24,000 रही, जबकि 1990 में यह 34 लाख थी।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में शिशु मृत्युदर (प्रति 1,000 जीवित शिशुओं की मौत) 1990 में 89 की तुलना में पिछले साल 28 रह गई। देश में पिछले साल 6,79,000 शिशुओं की मौत हुई थी, जबकि 1990 में यह संख्या 24 लाख थी।


भारत में 1990 में लड़कों की बाल मृत्युदर 122 और लड़कियों की बाल मृत्युदर 131 थी। पिछले साल लड़कों की बाल मृत्युदर 34 और लड़कियों की मृत्युदर 35 रही।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘2019 में पांच साल से कम आयु के जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से आधे बच्चों की मौत (49 प्रतिशत) पांच देशों- नाइजीरिया, भारत, पाकिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इथियोपिया में हुई। केवल नाइजीरिया और भारत में करीब एक तिहाई बच्चों की मौत हुई।’

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