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Hindi News ›   World ›   Union Minister of State for External Affairs V Muraleedharan calls for global collective action on food security at UNSC

Muraleedharan in UNSC: यूएनएससी में बोले केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन, खाद्य सुरक्षा पर साथ मिलकर करना होगा काम

Fri, 20 May 2022 12:00 AM IST
Jeet Kumar एएनआई, न्यूयॉर्क
एएनआई, न्यूयॉर्क Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 20 May 2022 12:00 AM IST
सार

यूक्रेन-रूस युद्ध पर मुरलीधरन ने यूएनएससी में कहा कि यदि संघर्ष का तुरंत संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान नहीं निकाला गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और यह खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करेगा।

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Union Minister of State for External Affairs V Muraleedharan calls for global collective action on food security at UNSC
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने गुरुवार को यूएनएससी में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से  विकासशील देशों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। खाद्य संकट के साथ-साथ आर्थिक गिरावट भी तेजी से दर्ज की गई है। उन्होंने इन सभी संकटों से निपटने के लिए विश्व से साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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यूक्रेन-रूस युद्ध पर कही ये बात
केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 'अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा: संघर्ष और खाद्य सुरक्षा' विषय पर बोल रहे थे, इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने की। यूक्रेन-रूस युद्ध पर मुरलीधरन ने कहा कि यदि संघर्ष का तुरंत संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान नहीं निकाला गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और यह खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करेगा।
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मुरलीधरन ने यूएनएससी में आठ बिंदु प्रस्तुत किए
मुरलीधरन ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व को साथ मिलकर काम करना होगा। कोई भी देश अपने दम पर इस तरह के जटिल प्रभावों को संभाल नहीं सकता है। हमें सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है और हमें एक साथ काम करने की जरूरत है। साथ ही इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने आठ बिंदु प्रस्तुत किए जिस पर परिषद को विचार करने को किया।
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आठ सूत्रों में इन बातों को रखा 
उन्होंने आठ सूत्रीय प्रस्ताव के बारे में विस्तार से बताया जिसमें वार्ता और कूटनीति के माध्यम से यूक्रेन संघर्ष के समाधान का आह्वान, उभरते खाद्य संकट के लिए एक रचनात्मक प्रतिक्रिया और अन्य देशों की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण शामिल है। अन्य प्रस्ताव जिनमें संघर्षग्रस्त देशों को विशेष समर्थन देना, मानवीय सहायता को राजनीतिक प्रक्रियाओं से जोड़ने से बचना और शांति निर्माण और विकास पहल के साथ-साथ भोजन के साथ सहायता प्रदान करना शामिल है।

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