पूर्व अमीर के निधन पर भारत की ओर से धर्मेंद्र प्रधान ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारत-कुवैत संबंध ऐतिहासिक
कुवैत के पूर्व अमीर के निधन पर भारत सरकार की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दो दिवसीय यात्रा (11 और 12 अक्तूबर) पर कुवैत में हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि 'कुवैत के अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह से मिलकर मैंने भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोगों की ओर से, कुवैत के दिवंगत अमीर शेख सबाह अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह के निधन पर, अल-सबाह परिवार, कुवैत सरकार और उनके लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।'
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'कुवैत के अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह ने राष्ट्रपति कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को उनकी संवेदना के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत-कुवैत संबंध ऐतिहासिक हैं और आपसी लाभ के लिए प्रगति जारी रखेंगे।'
Sheikh Nawaf Al-Ahmed Al-Jaber Al-Sabah, Emir of Kuwait thanked President Kovind, PM Narendra Modi and the people of India for their condolences. He stated that India Kuwait relations are historic and will continue to progress for mutual benefit: Union Minister Dharmendra Pradhan https://t.co/4hS3GxusaK
— ANI (@ANI) October 12, 2020
बता दें कि रविवार को कुवैत पहुंचे प्रधान को भेजने का उद्देश्य यह बताना है कि भारत तेल संपन्न देश कुवैत के साथ अपने संबंधों को कितनी अहमियत देता है। शेख सबाह अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह के निधन पर संवेदनाएं जताने के लिए कुवैत पहुंचे प्रधान अपने साथ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का पत्र भी लेकर गए हैं। यह पत्र कुवैत के नेतृत्व को दिया जाएगा। उनका निधन 29 सितंबर को 91 साल की आयु में अमेरिका के एक अस्पताल में हुआ था।
प्रधान ने भारत सरकार की ओर से कुवैत के नए अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल जाबेर अल-सबाह और क्राउन प्रिंस शेख मिशाल अल-अहमद अल जाबेर अल सबाह को बधाई दी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों के नए आयाम प्रदान कर सकती है।
कुवैत भारत के ऊर्जा स्रोतों की सूची में छठे स्थान पर है। भारत लगातार कुवैत के शीर्ष दस व्यापारिक भागीदारों में से एक रहा है। साल 2015-16 में दोनों देशों के बीच 620 करोड़ डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। इसके साथ ही कुवैत की स्वायत्त धन निधि ने 2017 से भारत में 200 करोड़ डॉलर का निवेश किया है।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर एक अक्तूबर को कुवैत के पूर्व अमीर के निधन पर श्रद्धांजलि देने नई दिल्ली में स्थित कुवैत के दूतावास पहुंचे थे। वहीं, भारत ने इसे लेकर चार अक्तूबर को राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया था। दिवंगत अमीर के नेतृत्व के तहत भारत और कुवैत के संबंध काफी अच्छे रहे हैं।