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यूक्रेन संकट: स्वतंत्र जांच आयोग का होगा गठन, मानवाधिकार परिषद में प्रस्ताव पारित, भारत ने फिर नहीं किया वोट
Fri, 04 Mar 2022 06:53 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 04 Mar 2022 06:53 PM IST
सार
भारत समेत 13 देश मतदान से दूर रहे और रूस को मिलाकर दो देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।
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United Nations
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
यूक्रेन पर रूस के हमले की दुनिया भर में आलोचना और निंदा हो रही है। चंद देशों को छोड़ दें तो अधिकांश देशों ने रूस के इस कदम की आलोचना की है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं रूस के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रही हैं और उसके खिलाफ लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। यूक्रेन ने रूस पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
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इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इसकी जांच करने के लिए एक स्वतंत्र आयोग का गठन करने के प्रस्ताव पर मतदान हुआ। 47 सदस्यों वाली परिषद के 32 देशों ने इसके समर्थन में मतदान किया। वहीं, दो (इरिट्रिया और रूस) ने इसके खिलाफ वोट दिया। इसके अलावा भारत समेत 13 देशों ने मतदान से दूरी बनाए रखी।
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तत्काल होगा एक स्वतंत्र जांच आयोग का गठन
परिषद ने एक ट्वीट में कहा कि यूएनएचआरसी ने फैसला लिया है कि यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता के चलते एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग का तत्काल गठन किया जाए। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में भी रूस से तुरंत युद्ध समाप्त करने की मांग वाले एक प्रस्ताव पर मतदान हुआ था, जिसका अधिकांश ने समर्थन किया था।
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इन्होंने किया मतदान और इन देशों ने बनाई दूरी
यूएनएचआरसी में जिन देशों ने प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया उनमें फ्रांस, जर्मनी, जापान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूनाइटेड किंगडम (यूके) और अमेरिका आदि शामिल रहे। वहीं, भारत समेत आर्मीनिया, बोलिविया, कैमरून, चीन, क्यूबा, गबोन, कजाकिस्तान, नामीबिया, पाकिस्तान, सूडान, उज्बेकिस्तान और वेनेजुएला ने वोट नहीं किया।