UNGA President: लकवाग्रस्त है सुरक्षा परिषद, अतंरराष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में असमर्थ...बोले साबा कोरोसी
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने रूस-यूक्रेन आक्रमण पर उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों में से एक ने अपने पड़ोसी पर हमला किया, लेकिन वीटो पॉवर के कारण सुरक्षा परिषद उस स्थायी सदस्य पर कार्रवाई नहीं कर सकती है।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष साबा कोरोसी ने भारत यात्रा से पहले सुरक्षा परिषद की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं। वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के अपने बुनियादी कार्य में असमर्थ है और लकवाग्रसत हो चुकी है।
उन्होंने कहा, तब जो सुरक्षा परिषद बनाई गई थी, तो उसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने और युद्धों को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब वह पंगु हो चुकी है। सुरक्षा परिषद को आक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने वाला निकाय होना चाहिए। बता दें, कोरोसी, विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर रविवार को भारत आएंगे। सितंबर 2022 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष के रूप में किसी भी देश की यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
भारत स्थायी सदस्यता पाने का हकदार
कोरोसी ने कहा, यूएनएससी सुधार का मुद्दा ज्वलंत और बाध्यकारी है। वह अपने मूल कार्य का निर्वहन नहीं कर रही है। रूस-यूक्रेन आक्रमण पर उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों में से एक ने अपने पड़ोसी पर हमला किया, लेकिन वीटो पॉवर के कारण सुरक्षा परिषद उस स्थायी सदस्य पर कार्रवाई नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद में सुधार के प्रयासों में भारत सबसे आगे रहा है और भारत एक स्थायी सदस्य के रूप में सही जगह पाने का हकदार है।
दुनिया बदल गई है
कोरोसी ने कहा, सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना द्वितीय विश्व युद्ध के परिणाम को दर्शाती है। तब से दुनिया बदल गई है। दुनिया में भू-राजनीतिक संबंध बदल गए हैं, भारत समेत कुछ देशों में दुनिया में आर्थिक जिम्मेदारियां वास्तव में बदल गई हैं।
विदेश मंत्री से करेंगे मुलाकात
यात्रा के दौरान यूएनजीए अध्यक्ष नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान दिसंबर में अपनी पिछली बैठक के दौरान कोरोसी उठाए गए विषयों पर चर्चा करेंगे। कोरोसी भारत के जी-20 सचिवालय का दौरा करेंगे। इस यात्रा में सरकारी अधिकारियों, प्रमुख राष्ट्रीय वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के साथ बातचीत शामिल होगी और स्थायी जल उपयोग से संबंधित क्षेत्र के दौरे शामिल होंगे। नई दिल्ली में कोरोसी महासभा सत्र के दौरान अपनी प्राथमिकताओं के विषय पर विश्व मामलों की भारतीय परिषद में एक सार्वजनिक भाषण देंगे।