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यूक्रेन विवाद पर अमेरिका, रूस और भारत का बयान: संयुक्त राष्ट्र में तनाव को लेकर क्या बोले तीन दिग्गज देश, जानें

Thu, 17 Feb 2022 11:23 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 17 Feb 2022 11:23 PM IST
सार

अमेरिका के विदेश मंत्री ब्लिंकन ने संबोधन में कहा, "रूस ने हाल ही में शांति और सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा किया है। हम इस संकट को राजनयिक तौर पर बातचीत कर सुलझाना चाहते हैं, लेकिन अगर रूस यूक्रेन में कदम आगे बढ़ाता है तो हम सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।"

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UN Security Council meets on Ukraine Crisis and Russia Aggression at Border know what US and India have say
यूएन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति और रूस के राजनयिक ने दिए बयान। - फोटो : Social Media

विस्तार

यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में यूक्रेन संकट को लेकर चर्चा हुई। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, रूस के राजनयिक और भारत की तरफ से स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति के अलावा यूएनएससी के सभी सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। जहां ब्लिंकन ने अपने संबोधन के दौरान रूस पर यूक्रेन पर हमले को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया तो वहीं रूस ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका पर हमला बोला। इस बीच भारत ने भी दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। 
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क्या बोले अमेरिका के विदेश मंत्री?
अमेरिका के विदेश मंत्री ब्लिंकन ने संबोधन में कहा, "रूस ने हाल ही में शांति और सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा किया है। हम इस संकट को राजनयिक तौर पर बातचीत कर सुलझाना चाहते हैं, लेकिन अगर रूस यूक्रेन में कदम आगे बढ़ाता है तो हम सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।" बाइडन ने कहा कि इस परिषद की मुख्य जिम्मेदारी शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। मौजूदा समय में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा यूक्रेन की तरफ रूस का आक्रामक रवैया है। 
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उन्होंने आगे कहा कि इस संकट से यूएनएससी के सदस्य देशों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा पूरी दुनिया के भी इससे प्रभावित होने का संकट मंडरा रहा है। उन्होंने रूस की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पुतिन पहले हमले की झूठी वजह ढूंढना चाहते हैं। वे यूक्रेन पर किसी भी भड़काऊ गतिविधि का आरोप लगाएंगे और इसे ही हमले का कारण बताएंगे। 
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ब्लिंकन ने कहा कि रूस आज जरूर एलान कर रहा है कि वह यूक्रेन पर हमला नहीं बोलेगा, लेकिन उसे यह साबित करना होगा। रूस को अपनी टुकड़ियों और टैंकों को बैरक में भेजना चाहिए और विमानों को हैंगर में वापस बुलाना चाहिए। साथ ही अपने राजनयिक को समझौते के लिए भेजना चाहिए। 

क्या बोले रूस के प्रतिनिधि?
यूएन में रूस के प्रतिनिधि ने अमेरिका और नाटो पर हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिमी देशों का एकमात्र लक्ष्य युद्ध भड़काना है। अगर ऐसा नहीं है तो आखिर क्यों यूक्रेन की कठपुतली सरकार मिंस्क समझौता काफी पहले कर लेती। लेकिन वह मिंस्क समझौता करने के लिए तैयार नहीं है। हम यह कह सकते हैं कि पश्चिमी देश ही रूस के साथ युद्ध बढ़ना चाहते हैं। 

क्या बोले भारत के स्थायी प्रतिनिधि?
यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि तनाव बढ़ाने की कोशिशों से दोनों ही पक्षों को बचना चाहिए। ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पाने के लिए काम किया जा सके। फिलहाल शांत नीति ही समय की जरूरत है। उन्होंने कहा, "भारत का हित ऐसा हल खोजने में है, जिससे तनाव को रोकने में मदद मिल सके।" 


तिरुमूर्ति ने बताया कि फिलहाल 20 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र और लोग यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों और बॉर्डर इलाकों में रह रहे हैं। भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता है। हम एक बार फिर मुद्दे के शांतिपूर्ण हल का आह्वान करते हैं, ताकि सभी पक्षों की चिंताओं का निवारण किया जा सके। 
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