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यूएनएससी: अफगानिस्तान को 6 और महीने के लिए मानवीय मदद देने के प्रस्ताव को मंजूरी 

Fri, 17 Sep 2021 10:19 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र Published by: Amit Mandal Updated Fri, 17 Sep 2021 10:19 PM IST
सार

प्रस्ताव में अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर दिया गया है। साथ ही कहा गया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश पर आक्रमण करने के लिए न किया जाए।

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UN Security Council extends mandate of United Nations Assistance Mission in Afghanistan for 6 months
संयुक्त राष्ट्र - फोटो : Social Media

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में सहायता मिशन को और 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है। इसे लेकर हुई वोटिंग में सदस्य देशों ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 15 सदस्य देशों वाली परिषद ने 17 मार्च 2022 तक सहायता जारी रखने को लेकर पेश प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।   

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प्रस्ताव में अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने की संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि अफगानिस्तान को अभी मानवीय मदद की बेहद जरूरत है। साथ ही कहा गया है कि सभी पक्षों को यहां मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए बेहतर वातावरण बनाए जाने की जरूरत है ताकि लोगों तक मदद पहुंच सके। 
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इसके साथ ही इसमें आतंकवाद से लड़ने के महत्व का भी जिक्र किया गया है। इसमें आतंकी घोषित किए गए लोगों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी देश पर आक्रमण करने के लिए न किया जाए। 
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने खींचे हाथ 
बता दें कि अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के काबिज होने के बाद से वहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है। देश भुखमरी की कगार पर खड़ा है। लोगों की आय के साधन समाप्त हो चुके हैं। बैंकों के पास फंड नहीं है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी अफगानिस्तान से अपने हाथ खींच लिए हैं। 


मुद्रा कोष के प्रवक्ता गेरी राइस का कहना है कि जब तक तालिबान को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख स्पष्ट नहीं हो जाता और इसे वैश्विक मान्यता नहीं मिल जाती तब तक वह सरकार के साथ अपने रिश्तों को बढ़ावा नहीं देंगे। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान की अंतरिम सरकार के गठन के बाद से वहां मानवीय संकट छाया है। 

 

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