{"_id":"61a574ef96b19f217d24c712","slug":"un-expert-welcomes-repeal-of-agricultural-laws","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूएन विशेषज्ञ : कृषि क्षेत्र में सुधारों को सम्मानजनक तरीके से लागू करने पर विचार करे सरकार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यूएन विशेषज्ञ : कृषि क्षेत्र में सुधारों को सम्मानजनक तरीके से लागू करने पर विचार करे सरकार
Tue, 30 Nov 2021 06:19 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र/जेनेवा।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र/जेनेवा।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 30 Nov 2021 06:19 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत माइकल फाखरी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के जरिये नीतियों को प्रभावित कर लोगों को सशक्त बनाने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मूल्यवान उपकरण है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र
- फोटो : Social Media
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कृषि कानूनों को निरस्त करने के भारत सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कृषि क्षेत्र में सुधार पर भविष्य में कोई भी पहले करने से पहले किसानों व अन्य हितधारकों से परामर्श लिया जाएगा।
विज्ञापन
फाखरी के आह्वान का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर यूएन के विशेष दूत इरेन खान और मानवाधिकारों व पर्यावरण पर विशेष दूत डेविड बॉयड ने भी समर्थन किया।
विज्ञापन
भोजन के अधिकार पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत माइकल फाखरी ने कहा कि इससे यह साफ दिखता है कि शांतिपूर्ण विरोध के जरिये नीतियों को प्रभावित कर लोगों को सशक्त बनाने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मूल्यवान उपकरण है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि कैसे कृषि सुधारों को पूरे सम्मान के साथ लागू किया जाए और भोजन के अधिकार सहित देश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों को अक्षुण्ण रखा जाए।
फाखरी ने कहा कि इस दर्दनाक अध्याय पर पृष्ठ को सही मायने में तब पलटा हुआ माना जाएगा, जब विरोध के हुईं 600 से अधिक मौतों की जवाबदेही तय होगी और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उपायों की गारंटी दी जाएगी।