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Pakistan: चुनाव चिन्ह मामले में इमरान खान का सुप्रीम कोर्ट पर निशाना, कहा- अंपायर ने 'नो-बॉल' का दिया संकेत

Wed, 17 Jan 2024 02:44 AM IST
यशोधन शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: यशोधन शर्मा Updated Wed, 17 Jan 2024 02:44 AM IST
सार

डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में पत्रकारों से बात करते हुए 71 वर्षीय खान ने कहा कि तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ हमेशा अपनी पसंद के अंपायरों के साथ मैच खेलते हैं।

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Umpire signalled no ball Imran Khan on party being denied its cricket bat election symbol
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

भ्रष्टाचार व देशद्रोह जैसे मुकदमों का सामना कर रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सेना नवाज शरीफ की मदद कर रहे हैं। अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ से बैट चुनाव चिह्न छीने जाने पर प्रतिक्रिया में इमरान ने कहा, नवाज दो अंपायरों की मदद से चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें एक ने हाल में ही उनके खिलाफ नो बॉल का इशारा किया है, ताकि उनकी पार्टी चुनाव से दूर रहे।

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डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को रावलपिंडी की उच्च सुरक्षा वाली अदियाला जेल में पत्रकारों से बात करते हुए 71 वर्षीय खान ने कहा कि तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ हमेशा अपनी पसंद के अंपायरों के साथ मैच खेलते हैं। पूर्व पीएम  ने आगे कहा  'परसों, एक अंपायर ने नो-बॉल दे दी, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के शनिवार के आदेश का जिक्र करते हुए कहा, जिसके परिणामस्वरूप पीटीआई को अपने प्रतिष्ठित चुनाव चिह्न बल्ले से वंचित होना पड़ा।
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कौन हैं दो अंपायर
बता दें कि यहां खान शक्तिशाली सेना और सुप्रीम कोर्ट को दो अंपायर के रूप में संदर्भित कर रहे थे, जो शरीफ को रिकॉर्ड चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का समर्थन कर रहे थे। शीर्ष अदालत के तीन सदस्यीय पैनल ने पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के 22 दिसंबर के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पारदर्शी अंतर-पार्टी चुनाव कराने में विफल रहने के कारण क्रिकेटर से नेता बने पीटीआई पार्टी को उसके चुनाव चिह्न से वंचित कर दिया गया था। 
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ये है पीटीआई पार्टी का आरोप
पीटीआई का आरोप है कि लंदन योजना के तहत, 74 वर्षीय शरीफ को सैन्य प्रतिष्ठान के आशीर्वाद से 8 फरवरी के चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री बनाया जाएगा, जबकि खान और उनकी पार्टी को कुचल दिया जाएगा। 

यह आरोप लगाते हुए कि सुप्रीम कोर्ट लंदन योजना के तहत काम कर रहा है, पीटीआई संस्थापक ने कहा कि शीर्ष अदालत की पांच सदस्यीय पीठ को पार्टी के चुनाव चिह्न और संगठनात्मक चुनावों से संबंधित मामले की सुनवाई करनी चाहिए थी क्योंकि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 17 से संबंधित है। 

पूर्व पीएम इमरान ने कहा कि शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज ने भी मामूली रकम के लिए तोशाखाना (राज्य भंडार) से वाहन लिए थे, लेकिन वे कानूनी कार्यवाही के लिए प्रतिरक्षित थे।  हालांकि, पीएमएल-एन नेताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामले बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'जब हम एक मामले में बरी हो जाते हैं, तो बिना देरी के दूसरा मामला दर्ज किया जाता है।' 

अपहरण और प्रताड़ना का आरोप
कथित साजिश के कार्यान्वयन के बारे में बात करते हुए, अपदस्थ प्रधानमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीफ के खिलाफ सभी मामले समाप्त कर दिए गए हैं।' खान ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी), पुलिस और संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) भी लंदन योजना का हिस्सा थे। उन्होंने आरोप लगाया, लोगों का अपहरण किया जाता है और उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विरोधी उनकी पार्टी से डरते हैं क्योंकि हालिया असफलताओं के बावजूद वह चुनाव जीतेगी।  उन्होंने कहा, 'वे अभी भी डरे हुए हैं क्योंकि लोगों को रोका नहीं जा सकता, हमारे पास प्लान सी है।' उन्होंने कहा कि अगर इसे भी विफल कर दिया गया तो एक और योजना अपनाई जाएगी। 


पहले से ही खान की पार्टी ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ नाज़रीती के साथ गठबंधन बनाकर प्लान बी को क्रियान्वित करने की कोशिश की थी, लेकिन यह विफल रहा, क्योंकि बाद में पीटीआई के साथ किसी भी गठबंधन में प्रवेश करने से इनकार कर दिया गया। खान ने न्याय प्रणाली पर संदेह व्यक्त करते हुए पारदर्शिता का आह्वान किया और जेल में अपने मामलों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का भी आह्वान किया। 

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