फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Ukraine Peace Summit: Territorial Integrity Based On Peace Agreement 80 Countries Agree In Swiss Conference

यूक्रेन शांति सम्मेलन: यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता पर 90 देश एकमत, भारत ने नहीं किए हस्ताक्षर

Sun, 16 Jun 2024 07:35 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्न
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बर्न Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 16 Jun 2024 07:35 PM IST
सार

यूक्रेन में शांति लाने के लिए स्विटजरलैंड में हुए स्विस सम्मेलन में 90 देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता ही किसी भी शांति समझौते का आधार होनी चाहिए। 
 

विज्ञापन
Ukraine Peace Summit: Territorial Integrity Based On Peace Agreement 80 Countries Agree In Swiss Conference
वलोडिमिर जेलेंस्की। - फोटो : x/@ZelenskyyUa

विस्तार

यूक्रेन युद्ध की समाप्ति का रास्ता तलाशने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में हुए शांति शिखर सम्मेलन में 90 से अधिक देशों ने एक सुर में कहा कि यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता शांति वार्ता के केंद्र में होनी चाहिए। 2 दिवसीय सम्मेलन के आखिरी दिन रविवार को साझा बयान जारी किया गया, जिस पर भारत व कुछ देशों ने हस्ताक्षर नहीं किए।

विज्ञापन


स्विट्जरलैंड सरकार ने बताया कि सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले देशों भारत, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, इंडोनेशिया, मेक्सिको व संयुक्त अरब अमीरात ने साझा बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए लेकिन रूस व यूक्रेन के बीच मध्यस्थता की पेशकश करने वाले तुर्किये ने हस्ताक्षर किया। बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुए सम्मेलन के अंतिम दिन साझा बयान जारी किया गया। सम्मेलन में लगभग 100 प्रतिनिधिमंडल आए, जिनमें से अधिकांश पश्चिमी देशों से थे। रूस को आमंत्रित नहीं किया गया था और चीन ने भी इससे दूरी बनाए रखी।  
विज्ञापन


साझा बयान में खाद्य सुरक्षा का जिक्र
सम्मेलन में गाजा युद्ध की प्रतिध्वनि भी सुनाई दी। अंतिम दस्तावेज में परमाणु सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा व कैदियों की अदला-बदली का भी जिक्र है। इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलनी ने कहा कि ये रूस के साथ वार्ता के लिए न्यूनतम शर्तें हैं। उन्होंने इशारा किया कि कीव व मॉस्को के बीच असहमति के कई अन्य क्षेत्रों को दूर करना भी कठिन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हितधारकों का रुख जानना प्राथमिकता : भारत
सम्मेलन में भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) पवन कपूर ने कहा, भारत ने साझा बयान या किसी अन्य दस्तावेज से खुद को न जोड़ने का फैसला किया है। भारत ने साफ किया कि वह ऐसी किसी भी पहल से पहले हित धारकों का रुख जानना चाहेगा। हमारा मानना है कि रूस-यूक्रेन को स्वीकार्य विकल्प ही शांति का रास्ता खोल सकते हैं। हालंकि, विश्लेषकों का कहना है कि सम्मेलन से युद्ध समाप्ति पर शायद ही रास्ता निकले।


शांति की ओर पहला कदम: जेलेंस्की
साझा बयान में यूक्रेन युद्ध की समाप्ति व शांति स्थापना के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर व क्षेत्रीय अखंडता की बात कही गई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सम्मेलन को शांति की ओर पहला कदम करार दिया और उसकी सराहना की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed