फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   ukraine drone attacks russia oil terminal fire energy ceasefire

रूस पर यूक्रेन ने दागे 1,015 ड्रोन: सेंट पीटर्सबर्ग में तेल ठिकानों पर लगी आग; ऊर्जा युद्धविराम का क्या हुआ?

Sun, 18 Oct 2026 03:56 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मॉस्को।
पीटीआई, मॉस्को। Published by: राकेश कुमार Updated Sun, 18 Oct 2026 03:56 PM IST
सार

यूक्रेन ने रविवार को रूस में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए, जिनमें सेंट पीटर्सबर्ग के तेल ठिकानों में आग लग गई। रूस ने 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट करने का दावा किया, जबकि जापोरिज्जिया पर रूसी हमले में एक महिला की मौत हो गई और एक बच्ची समेत दो लोग घायल हुए। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की सहमति का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने अमेरिका से रूस पर दबाव बढ़ाने की अपील की।
 

विज्ञापन
ukraine drone attacks russia oil terminal fire energy ceasefire
रूस-यूक्रेन के बीच जंग - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में रविवार को बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले हुए। यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों में एक हजार से ज्यादा ड्रोन दागे। इस दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में तेल निर्यात टर्मिनल और तेल डिपो में आग लग गई। स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर बेगलोव के मुताबिक, हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के रूसी तेल ठिकानों पर हमलों की आलोचना की है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की बात कही थी।
विज्ञापन


रूस के किन ठिकानों को नुकसान पहुंचा?
रविवार को हुए हमलों में सेंट पीटर्सबर्ग के तेल निर्यात टर्मिनल और रुची तेल डिपो में आग लग गई। इसके अलावा, रूसी रिटेल कंपनी ओजोन के लॉजिस्टिक्स सेंटर और टेक कंपनी वीके के डाटा सेंटर को भी निशाना बनाया गया। दोनों कंपनियों ने अपने ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने रूस के 15 क्षेत्रों के साथ-साथ क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर कुल 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। क्रीमिया यूक्रेन का हिस्सा है, जिस पर रूस ने कब्जा कर रखा है। यह हमला यूक्रेन के अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया गया है।
विज्ञापन


क्या रूस ने भी यूक्रेन पर हमला किया?
रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया पर दो हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में एक महिला की मौत हो गई और कम से कम दो लोग घायल हुए। घायलों में छह साल की एक बच्ची भी शामिल है। जापोरिज्जिया क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख मायखाइलो सेमिकिन ने बताया कि हमले में दो अपार्टमेंट इमारतों, 18 कारों और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन


रविवार के हमलों से जुड़ी अहम बातें
  • यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों में एक हजार से ज्यादा ड्रोन हमले किए। रूस ने 1,015 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट करने का दावा किया। सेंट पीटर्सबर्ग के तेल निर्यात टर्मिनल और रुची तेल डिपो में आग लगी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए।
  • रूस के हमले में जापोरिज्जिया में एक महिला की मौत हो गई। घायलों में छह साल की बच्ची भी शामिल है। ओजोन के लॉजिस्टिक्स सेंटर और वीके के डेटा सेंटर को भी निशाना बनाया गया। दोनों कंपनियों ने हमले की पुष्टि की।
यह भी पढ़ें: रिपोर्ट: दुनिया की आधी आबादी के पास महज 2% संपत्ति, 82 करोड़ से ज्यादा लोग घोर गरीबी में


रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम पर क्या सहमति बनी थी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्तूबर को कहा था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने इस समझौते की विस्तृत जानकारी नहीं दी थी। इसके बावजूद यूक्रेन ने रूस पर ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यूक्रेन ने गुरुवार को तीन दिन के अंतराल के बाद रूसी तेल ठिकानों पर हमले फिर शुरू करने की पुष्टि की थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि ट्रंप की घोषणा के बाद एक सप्ताह में रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा, तेल और गैस क्षेत्रों पर 76 बार हमले किए। उन्होंने बताया कि पिछली रात ही यूक्रेन के चार क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया और हजारों परिवार अब भी बिजली के बिना हैं।

जेलेंस्की ने अमेरिका से क्या अपील की?
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेन में बिजली गुल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने अमेरिका से रूस के खिलाफ दबाव बढ़ाने की अपील की। जेलेंस्की के मुताबिक, प्रतिबंधों में राहत या समझौतों के बावजूद रूस अपनी ओर से कोई जवाबी कदम नहीं उठा रहा है। इसके बजाय वह हर मौके को युद्ध से फायदा कमाने के रूप में देख रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध यूक्रेन के अपनी रक्षा करने की वजह से नहीं, बल्कि रूस के आक्रमण के कारण जारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति की संभावना बढ़ाने के लिए रूस पर दबाव डालना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed