यूक्रेन संकट: अमेरिकी प्रतिबंधों का असर घटाने की कोशिश में महीनों से जुटा हुआ था रूस
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विस्तार
रूस को इस बात का अंदाजा था कि यूक्रेन के विवादित गणराज्यों दोनेस्क और हुलांस्क को मान्यता देने का उसे महंगी कीमत चुकानी होगी। खास कर आर्थिक क्षेत्र में उस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी पश्चिमी देश पहले ही दे चुके थे। अब सामने आई जानकारियों के मुताबिक रूस इस प्रतिबंध के असर कम से कम रखने की कोशिश में काफी समय से जुटा हुआ था। इसके लिए रूसी बैंकों ने बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा हासिल की।
रूसी बैंकों ने बढ़ाया विदेशी मुद्रा भंडार
रूसी रेटिंग एजेंसी एसीआरए ने अनुमान लगाया है कि रूस के बैंकों ने सिर्फ बीते दिसंबर में पांच बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा आयात की। जबकि 2020 के दिसंबर में इन बैंकों के पास 2.65 बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा ही आई थी। इसे इस बात का संकेत समझा गया है कि रूसी बैंकों ने नियोजित ढंग से अपना विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ाया।
विश्लेषकों के मुताबिक आम तौर पर ऐसे आयात में सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिकी डॉलर का होता है। इसके अलावा कुछ दूसरी मुद्राएं भी मंगवाई जाती हैं। वैसे भी रूस के लोग अपने धन को सुरक्षित रखने के लिए डॉलर रखते आए हैं। इसकी वजह उनकी ये आशंका है कि रूसी मुद्रा रुबल के भाव में कभी भी भारी गिरावट आ सकती है।
एसीआरए की वरिष्ठ निदेशक वालेरी पिवेन ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि उनकी एजेंसी ने विदेशी मुद्रा के आयात संबंधी आंकड़े उन रिपोर्टों के आधार पर जुटाए हैं, जो रूसी बैंक अपने देश के सेंट्रल बैंक को हर महीने सौंपते हैं। इन रिपोर्टों से जाहिर होता है कि बीते नवंबर में रूसी बैंकों के पास 2.1 बिलियन डॉलर की विदशी मुद्रा ही आई थी। जबकि दिसंबर में इसमें लगभग ढाई गुना की बढ़ोतरी हो गई।
प्रतिबंधों का नहीं होगा ज्यादा असर
पिवेन ने कहा- ‘विदेशी मुद्रा संपत्तियों और देनदारियों के अनुपात को सेंट्रल बैंक विनियमित करता है। ऐसे में फिलहाल रूस के सामने चिंता का कोई पहलू नहीं है।’ बताया जाता है कि निकट भविष्य में नकदी की मांग में जो बढ़ोतरी होगी, उसे पूरा करने के लिए अभी रूस के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा है।
रूस के ताजा कदम के बाद अमेरिका ने एलान कर दिया है कि वह रूस पर नए प्रतिबंध लगाएगा। इन प्रतिबंधों के तहत कुछ बड़े रूसी बैंकों को डॉलर का लेन-देन करने से रोक दिया जाएगा। उससे डॉलर में उनकी जो देनदारियां हैं, उन्हें पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।
रूस के सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के मुताबिक रूस की कुल बैंकिंग विदेशी संपत्ति में डॉलर का हिस्सा 100 बिलियन है। उनकी कुल देनदारियों में डॉलर का हिस्सा 70 बिलियन है। गुजरे 20 साल में रूस ने डॉलर से जुड़ी संपत्तियों और देनदारियों दोनों की मात्रा को घटाया है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब अमेरिका ने पहली बार रूस पर प्रतिबंध लगाए, तब से ही रूसी बैंक ने डॉलर पर अपनी निर्भरता घटाने की ठोस कोशिश शुरू कर दी थी। इस बार यूक्रेन संकट के गहराने के साथ ही उन्होंने ये कोशिश और तेज कर दी। इसका नतीजा यह होगा कि रूस पर विदेशी प्रतिबंधों का तुरंत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।