HMS Prince of Wales: यूके के वॉरशिप में आई खराबी, दो दिन पहले अमेरिका में तैनाती के लिए हुआ था रवाना
रॉयल नेवी के प्रवक्ता ने बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स को 3.5 अरब डॉलर के साथ तैयार किया गया था। 'एचएमएच प्रिंस ऑफ वेल्स फिलहाल अभी साउथ कोस्ट में ही रहेगा। यहीं पर इसकी खराबी की जांच की जाएगी।
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ब्रिटेन का सबसे बड़े विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स एतिहासिक मिशन के लिए अमेरिका रवाना होने वाली थी, लेकिन इसस पहले ही ये वॉरशिप तकनीकी समस्या से ग्रस्त हो गया है। यह युद्धपोत पोर्ट्समाउथ नेवल बेस से शनिवार दोपहर को रवाना हुआ था। इसके बाद इसमें तकनीकी खामी आ गई जिसके कारण आइल ऑफ वाइट के दक्षिण-पूर्व में लंगर डाला गया है। यूके का ये वॉरशिप एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स चार महीने के लिए अमेरिका में तैनाती के लिए जा रहा था। कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन रिचर्ड हेविट ने बताया कि खराबी की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि एयरक्राफ्ट कैरियर एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स को 3.5 अरब डॉलर के साथ तैयार किया गया था। इसे साल 2017 में लॉन्च किया गया था। रॉयल नेवी के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'एचएमएच प्रिंस ऑफ वेल्स फिलहाल अभी साउथ कोस्ट में ही रहेगा। यहीं पर इसकी खराबी की जांच की जाएगी।
शनिवार को, रॉयल नेवी ने उत्तरी अमेरिका के तट और कैरिबियन में स्टील्थ जेट और ड्रोन संचालन के भविष्य को आकार देने के लिए अमेरिका के लिए युद्धपोत के प्रस्थान की घोषणा की थी। कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन रिचर्ड हेविट ने कहा कि एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स टास्क ग्रुप को अटलांटिक के पार ले जाना न केवल यूके कैरियर ऑपरेशन की सीमाओं को आगे बढ़ाएगा, बल्कि हमारे करीबी सहयोगी के साथ हमारे कामकाजी संबंधों को मजबूत करेगा।
65,000 टन के इस युद्धपोत को शुरू में फ्रिगेट एचएमएस रिचमंड, टैंकर आरएफए टाइडफोर्स और हेलीकॉप्टरों और ड्रोन के एक हवाई समूह के साथ तैनात किया जाना था।