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UK Parliament: कश्मीर मुद्दे पर ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया अपना रुख, संसद में कहा- ये भारत-पाकिस्तान का मसला

Sat, 13 Dec 2025 12:31 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 13 Dec 2025 12:31 AM IST
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UK reaffirms stance on Kashmir during parliamentary debate, UK government
ब्रिटिश संसद - फोटो : ANI
ब्रिटेन की सरकार ने इस हफ्ते वेस्टमिंस्टर हॉल में हुई संसदीय बहस के दौरान कश्मीर मुद्दे पर अपना पुराना और स्पष्ट रुख दोहराया, कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का मसला है और इसका हल कश्मीरियों की इच्छा को ध्यान में रखकर ही निकलना चाहिए। यह बहस 'कश्मीर: स्वभाग्यनिर्णय' विषय पर हुई, जिसे पाकिस्तानी मूल के लेबर सांसद इमरान हुसैन ने आगे बढ़ाया था। उन्होंने सरकार से पूछा कि कश्मीर मसला 'द्विपक्षीय है या अंतरराष्ट्रीय'?
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मंत्री हैमिश फाल्कनर ने सरकार की नीति दोहराई
इस पर विदेश, राष्ट्रमंडल व विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने कहा, 'मैं यूके सरकार की लंबे समय से चली आ रही नीति दोहराता हूं, कश्मीर पर स्थायी समाधान भारत और पाकिस्तान को ही निकालना है, और इसमें कश्मीरियों की इच्छाओं का सम्मान जरूरी है। यह सिद्धांत हमारे राजनयिक दृष्टिकोण और मानवाधिकारों के प्रति सम्मान का आधार है।'
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मंत्री ने बताया कि यह इस साल यूके संसद में कश्मीर पर चौथी बहस है। उन्होंने कहा कि कश्मीर दक्षिण एशिया की सबसे संवेदनशील और लंबे समय से चली आ रही जटिल चुनौतियों में से एक है, जहां इतिहास, पहचान और भू-राजनीति एक-दूसरे से टकराते हैं। फाल्कनर ने चेताया कि चूंकि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु संपन्न देश हैं, इसलिए किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव बढ़ने के बड़े वैश्विक असर हो सकते हैं। इसी वजह से ब्रिटेन 'तटस्थ रुख' रखते हुए संवाद और मानवाधिकारों के सम्मान की अपील करता है।


आतंकवाद पर सवाल
इस बहस के दौरान लेबर सांसद बैरी गार्डिनर ने सीमा-पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि 'ज्यादातर आतंकी कैंप पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद हैं।' उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार पाकिस्तान में 42 और पीओके व गिलगित-बाल्टिस्तान में 21 आतंकी प्रशिक्षण शिविर दर्ज हैं। इस पर फाल्कनर ने कहा, 'यह दक्षिण एशिया के लिए दुखद है कि पड़ोसी देश एक-दूसरे पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं। यूके इस मुद्दे पर मदद करना चाहता है क्योंकि इसी कारण हाल में रिश्तों में सबसे बड़ी दरार पड़ी है।'

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संयुक्त राष्ट्र के दखल पर बहस
पूर्व ब्रिटिश पीएम जेरेमी कॉर्बिन समेत कुछ लेबर सांसदों ने कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका बढ़ाने की मांग की। इस पर मंत्री फाल्कनर ने कहा, 'यूएन की भूमिका को लेकर भारत और पाकिस्तान में हमेशा मतभेद रहे हैं। अलग-अलग समय पर दोनों देशों ने यूएन दखल को कभी सही तो कभी गलत बताया है। हमारी अपील है कि दोनों देश द्विपक्षीय बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ें।'


ब्रिटेन सरकार ने कश्मीर मुद्दे पर अपना पारंपरिक रुख दोहराते हुए कहा है कि इसका समाधान भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत से ही संभव है और इसमें कश्मीरियों की इच्छा को अहम माना जाएगा। यह बयान वेस्टमिंस्टर हॉल में ‘कश्मीर: सेल्फ-डिटरमिनेशन’ विषय पर हुई बहस के दौरान विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) के मंत्री हैमिश फाल्कनर ने दिया।
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