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Britain: भारतीय पेशेवरों, छात्रों पर अनुचित वीजा कार्रवाई से चिंता बढ़ने की आशंका; रवांडा और UK के बीच संधि
Tue, 05 Dec 2023 11:26 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 05 Dec 2023 11:26 PM IST
सार
ब्रिटेन ने भारतीयों पर अनुचित वीजा कार्रवाई के प्रति आगाह किया है। वीजा कार्रवाई के बारे में स्पष्टता की कमी पर चिंता जताते हुए सरकार ने आश्रितों पर प्रतिबंध को "अनुचित" बताया। ब्रिटेन की एक अन्य अहम घटना में रवांडा के साथ संधि पर हस्ताक्षर हुए हैं।
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यूके में पासपोर्ट वीजा को लेकर सख्ती (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : social media
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विस्तार
ब्रिटेन ने भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर अनुचित वीजा कार्रवाई के प्रति आगाह किया है। वीजा कार्रवाई के बारे में स्पष्टता की कमी पर चिंता जताते हुए भारत के कुशल पेशेवरों और छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले समूहों ने ब्रिटिश सरकार के प्रतिबंध को "अनुचित" करार दिया है। मंगलवार को ब्रिटेन सरकार की नवीनतम वीजा कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन के गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने बयान दिया।
सोमवार को गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने संसद में पांच सूत्री योजना पेश की। इसके तहत विदेशी देखभाल कर्मियों को परिवार के सदस्यों को ब्रिटेन में लाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। कुशल पेशेवरों को 38,700 पाउंड (GBP) की उच्चतर न्यूनतम वेतन सीमा को पूरा करना होगा। सरकार ने कहा है कि स्वास्थ्य और देखभाल वाले मामलों में जारी वीज़ा को इस बढ़ी हुई वेतन जरूरत से छूट दी जाएगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में भारतीय डॉक्टरों के लिए यह श्रेणी कैसे संचालित की जाएगी।
उथल-पुथल के बीच ब्रिटेन में रहने वाले डॉ. रमेश मेहता ने कहा, "हम स्पष्टीकरण मांगने के लिए तत्काल गृह सचिव को पत्र लिखेंगे; हमें उम्मीद है कि इसमें डॉक्टर और नर्स शामिल नहीं होंगे क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो हम गृह कार्यालय को आश्वस्त कर सकते हैं कि भारत से ब्रिटेन आने वाले डॉक्टरों और नर्सों की संख्या शून्य हो जाएगी।
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ब्रिटेन की एक और अहम घटना में अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए रवांडा के साथ संधि पर हस्ताक्षर किए गए। ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार का कहना है कि यह फैसला उच्चतम न्यायालय की चिंताओं के बाद लिया गया है। अवैध प्रवासियों को अफ्रीकी राष्ट्र में ले जाने की मूल योजना को अवरुद्ध हो गई थी। गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने किगाली की यात्रा के दौरान रवांडा के विदेश मंत्री विंसेंट बिरूटा के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।
क्लेवरली ने इस बात पर जोर दिया कि संधि अदालत की चिंताओं का समाधान करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। रवांडा संधि के तहत दूसरे देश में भेजे गए किसी भी व्यक्ति को नहीं हटाया जाएगा।उन्होंने इसे अवैध प्रवासन से निपटने की योजना के पिछले प्रस्तावों की तुलना में कहीं अधिक "मजबूत" समझौता करार दिया। इसे पिछले महीने ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने गैरकानूनी माना था।
रवांडा की राजधानी किगाली में क्लेवरली से संवाददाताओं से कहा, हम महसूस करते हैं कि यह संधि सर्वोच्च न्यायालय की चिंताओं को दूर करने का काम करेगी। सरकार ने इस संधि को सुनिश्चित करने के लिए रवांडा के भागीदारों के साथ बहुत करीबी से काम किया है।
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सोमवार को गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने संसद में पांच सूत्री योजना पेश की। इसके तहत विदेशी देखभाल कर्मियों को परिवार के सदस्यों को ब्रिटेन में लाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। कुशल पेशेवरों को 38,700 पाउंड (GBP) की उच्चतर न्यूनतम वेतन सीमा को पूरा करना होगा। सरकार ने कहा है कि स्वास्थ्य और देखभाल वाले मामलों में जारी वीज़ा को इस बढ़ी हुई वेतन जरूरत से छूट दी जाएगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि भविष्य में भारतीय डॉक्टरों के लिए यह श्रेणी कैसे संचालित की जाएगी।
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उथल-पुथल के बीच ब्रिटेन में रहने वाले डॉ. रमेश मेहता ने कहा, "हम स्पष्टीकरण मांगने के लिए तत्काल गृह सचिव को पत्र लिखेंगे; हमें उम्मीद है कि इसमें डॉक्टर और नर्स शामिल नहीं होंगे क्योंकि अगर ऐसा होता है, तो हम गृह कार्यालय को आश्वस्त कर सकते हैं कि भारत से ब्रिटेन आने वाले डॉक्टरों और नर्सों की संख्या शून्य हो जाएगी।
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ब्रिटेन की एक और अहम घटना में अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए रवांडा के साथ संधि पर हस्ताक्षर किए गए। ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार का कहना है कि यह फैसला उच्चतम न्यायालय की चिंताओं के बाद लिया गया है। अवैध प्रवासियों को अफ्रीकी राष्ट्र में ले जाने की मूल योजना को अवरुद्ध हो गई थी। गृह सचिव जेम्स क्लेवरली ने किगाली की यात्रा के दौरान रवांडा के विदेश मंत्री विंसेंट बिरूटा के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए।
क्लेवरली ने इस बात पर जोर दिया कि संधि अदालत की चिंताओं का समाधान करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। रवांडा संधि के तहत दूसरे देश में भेजे गए किसी भी व्यक्ति को नहीं हटाया जाएगा।उन्होंने इसे अवैध प्रवासन से निपटने की योजना के पिछले प्रस्तावों की तुलना में कहीं अधिक "मजबूत" समझौता करार दिया। इसे पिछले महीने ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने गैरकानूनी माना था।
रवांडा की राजधानी किगाली में क्लेवरली से संवाददाताओं से कहा, हम महसूस करते हैं कि यह संधि सर्वोच्च न्यायालय की चिंताओं को दूर करने का काम करेगी। सरकार ने इस संधि को सुनिश्चित करने के लिए रवांडा के भागीदारों के साथ बहुत करीबी से काम किया है।