Britain: ‘आतंकवाद के समर्थन में झंडे लहराना वैध नहीं’, फलस्तीन समर्थकों के मार्च पर ब्रिटेन की गृह मंत्री
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आपात बैठक के बाद गृह मंत्री ब्रेवरमैन ने कहा कि सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमास के हमले के बाद हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा गया है।
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ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने फलस्तीन समर्थक रैलियों को नफरत भरे मार्च करार दिया है। उन्होंने कहा कि गाजा पर इस्राइल के हमलों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बदंमाशी तत्व देखे गए हैं, जो जानबूझकर आपराधिक काम कर रहे हैं।
पीएम सुनक के साथ बैठक करने के बाद बोलीं गृह मंत्री
बता दें, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आपात बैठक के बाद ब्रेवरमैन ने यह टिप्पणी की। उन्होंने एंटीसेमिटिज्म के मुद्दे को संबोधित करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों, विशेष रूप से मेट्रोपॉलिटन पुलिस और अन्य क्षेत्रीय ताकतों से अधिक प्रयासों का आह्वान किया।
सात अक्तूबर की घटना के बाद...
गृह मंत्री ने कहा कि सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमास के हमले के बाद हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते देखा गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि यहूदी लोगों के नरसंहार के बाद से हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं, वे नक्शे से इस्राइल को मिटाने के नारे लगा रहे हैं।’
वे नफरत भरे मार्च...
उन्होंने जोर देकर कहा कि उन विरोध प्रदर्शनों को एक ही तरीके से बताया जा सकता है कि वे नफरत भरे मार्च हैं। वहीं, ‘नदी से समुद्र तक, फलस्तीन मुक्त होगा’ वाले नारे पर ब्रेवरमैन ने कहा कि पुलिस स्वतंत्र रूप से काम करती है और उसे शून्य-सहिष्णुता दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इसके साथ ही गृह मंत्री ने 10 अक्तूबर को सड़कों पर फलस्तीनी झंडे प्रदर्शित करने के लिए पुलिस प्रमुखों को चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अगर झंडे आतंकवाद के समर्थन में लहराए जा रहे हों तो यह वैध नहीं हो सकते।
गौरतलब है, हाल ही में हजारों फलस्तीनी समर्थकों ने ब्रिटेन में मार्च किया था, जिसमें हमास पर इस्राइल के हमलों को समाप्त करने का आह्वान किया गया है।