UK: ब्रिटेन ने चुनाव आयोग पर साइबर हमलों के लिए चीन को ठहराया जिम्मेदार; कहा- यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
ब्रिटेन के चुनाव आयोग पर साइबर हमले अगस्त 2021 में हुए थे, लेकिन पिछले साल ही इसका खुलासा हुआ। इस हमले में संभावित तौर पर लाखों मतदाताओं के व्यक्तिगत डेटा तक हैकरों नें अपनी पहुंच बना ली थी।
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ब्रिटेन सरकार ने देश की चुनाव निगरानी संस्था पर साइबर हमलों का संबंध चीन से बताया है। हाउस ऑफ कॉमन्स में दिए गए एक बयान में सरकार ने खुलासा किया कि यूके के चुनाव आयोग पर साल 2021 में हुए साइबर हमलों में चीनी सरकार से जुड़ी एपीटी31 की संलिप्तता पाई गई है। ब्रिटेन के उप प्रधान मंत्री ओलिवर डाउडेन ने अपने बयान में बताया कि यूके के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र (एनसीएससी) ने अपनी जांच के बाद जो रिपोर्ट दी है, उसमें साफ हुआ है कि 2021 से 2022 के बीच चुनाव आयोग के सिस्टम में दो बार साइबर अटैक किया गया, जिसमें की चीन की एक कंपनी का हाथ पाया गया है।
एनसीएससी का यह भी दावा है कि चीन की राज्य-संबद्ध एपीटी31 ने 2021 में ब्रिटिश सांसदों के खिलाफ टोही गतिविधि की थी। हलांकि वो साइबर अटैक फेल कर दिया गया। ब्रिटेन के उप प्रधान मंत्री ओलिवर डाउडेन ने कहा कि हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को निशाना बनाने वाली दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली और मूल्यों की रक्षा करना ब्रिटेन सरकार के लिए एक पूर्ण प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह बयान इस बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा कि कैसे दुनिया भर में राजनेताओं और हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शामिल लोगों को राज्य-प्रायोजित साइबर ऑपरेशनों द्वारा लक्षित किया जा रहा है। हम चीनी सरकार को उसके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराते हुए इस गतिविधि को जारी रखेंगे। उन्होंने आगे बताया कि हालांकि साइबर गतिविधि ने चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित नहीं किया है। लेकिन चुनाव आयोग ने भविष्य में इसी तरह की गतिविधि के खिलाफ अपने सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग पर साइबर हमले अगस्त 2021 में हुए थे, लेकिन पिछले साल ही इसका खुलासा हुआ। इस हमले में संभावित तौर पर लाखों मतदाताओं के व्यक्तिगत डेटा तक हैकरों नें अपनी पहुंच बना ली थी।