फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Uighur Muslims now forcibly working in the factories of china

ऑस्ट्रेलिया के थिंक टैंक का दावा, उइगर मुस्लिमों से जबरन काम करवा रहा चीन

Tue, 03 Mar 2020 01:30 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 03 Mar 2020 01:30 AM IST
सार

थिंक टैंक के मुताबिक चीन ने 80 हजार बंदियों को नजरबंदी शिविरों से हटाया है। बताया गया है कि इन उइगर मुसलमानों से एपल, बीएमडब्ल्यू, सैमसंग, सोनी और फॉक्सवेगन की फैक्ट्रियों में बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है।

विज्ञापन
Uighur Muslims now forcibly working in the factories of china
उइगर मुस्लिम (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया के एक थिंक टैंक ने सोमवार को दावा किया कि चीन हजारों उइगर बंदियों को नजरबंदी शिविरों से बाहर निकाल रहा है और जबरन कारखानों में काम करवा रहा है। दुनिया की शीर्ष कंपनियों एपल, बीएमडब्ल्यू और सोनी पर भी आरोप लगाया गया है कि वे चीन में अपनी आपूर्ति के लिए बंधुआ मजदूरों का इस्तेमाल कर रही हैं।

विज्ञापन


ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट ने कहा, चीन सरकार ने झिंजियांग के शिविरों से 80 हजार या उससे अधिक उइगर मुस्लिमों को देशभर के कारखानों में स्थानांतरित कर दिया है। थिंक टैंक ने कहा, उइगर 83 प्रसिद्ध तकनीकी, कपड़ा और ऑटोमोटिव क्षेत्र के कारखानों में जबरन काम को मजबूर हैं।
विज्ञापन


इनमें एपल, बीएमडब्ल्यू, गैप, हुआवे, सैमसंग, सोनी और फॉक्सवोगन के कारखाने भी शामिल हैं। कंपनियां बंधुआ मजदूरों का इस्तेमाल कर श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed