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संक्रमित मां से दो सप्ताह के भ्रूण को कोरोना का खतरा
Mon, 10 Aug 2020 08:22 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 10 Aug 2020 08:22 AM IST
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कोरोना संक्रमित मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि संक्रमित मां से गर्भ में पल रहे दो सप्ताह के भ्रूण को भी कोरोना हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि दो सप्ताह के भ्रूण में भी ऐसे जींस होते हैं जिसके जरिए वायरस से संक्रमित कर सकता है।
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शोधकर्ताओं का दावा है कि इस जींस में इस तरह के प्रोटीन होते हैं। जिसके जरिए वायरस भीतर पहुंचकर भी उनकी कोशिकाओं को संक्रमित कर उसे प्रभावित कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध के जरिए गर्भ में पल रहे बच्चे को संक्रमण के खतरे को भांपा जा सकता है।
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ओपन बायोलॉजी में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पांच में से एक बच्चे का जन्म मां के बीमार होने से जल्दी हो जाता है लेकिन वायरस का उसके स्वास्थ्य पर अब तक कोई असर नहीं दिखा है। एजेंसी
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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का खुलासा, अध्ययन से कुछ वैज्ञानिक सहमत
दूसरी तरफ इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के वैज्ञानिक प्रो. क्रिस्टॉफ लीस का कहना है कि यह शोध पूरी तरह काल्पनिक है। भ्रूण के शुरुआती स्तर पर संक्रमण के खतरे को भांपना असंभव है। उनका कहना है कि विरोध जब 2 सप्ताह का होता है तो वह मां के गर्भ से जुड़ा होता है और लगातार अपना आकार और ढांचा बदलता रहता है। हां यह संभव है कि ऐसा हो सकता है लेकिन अभी स्पष्ट नहीं है।
वैज्ञानिक स्तर पर शोध सही है...
लेकिन रीडिंग्स यूनिवर्सिटी के प्रो. इयान जॉन्स का कहना है कि वैज्ञानिक स्तर पर शोध सही है लेकिन कुछ बातों पर गौर करना होगा। किंग्स कॉलेज लंदन के प्रोफेसर एंड्रूय शेनान का कहना है कि गर्भ में पल रहे बच्चे को प्लेसेंटा सुरक्षित रखने का काम करता है लेकिन यह बहुत दुर्लभ होगा कि वायरस भ्रूण को संक्रमित कर दे। अगर ऐसा होता भी है तो भ्रूण के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ने की उम्मीद है।