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Pakistan: ईशनिंदा मामले में अदालत ने दो भाईयों को किया बरी, निजी दुश्मनी के चलते लगाए गए थे आरोप; पढ़ें...
Sat, 02 Mar 2024 10:10 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, लाहौर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 02 Mar 2024 10:10 PM IST
सार
पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने पंजाब प्रांत में एक हाई प्रोफाइल ईशनिंदा मामले में दो भाईयों को बरी कर दिया गया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईशनिंदा में मौत की सजा का प्रावधान है।
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विस्तार
पाकिस्तान की आतंकवाद रोधी अदालत ने पंजाब प्रांत में एक हाई प्रोफाइल ईशनिंदा मामले में दो भाईयों को बरी कर दिया गया है। गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान कहा गया कि निजी दुश्मनी के चलते दोनों भाईयों को फंसाया गया था। बता दें पाकिस्तान में ईशनिंदा में मौत की सजा का प्रावधान है।
क्या है मामला?
यह मामला 16 अगस्त, 2023 को कुरान के अपमान के आरोप में लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर जारनवाला शहर में हजारों मुसलमानों की हिंसक भीड़ द्वारा 24 चर्चों और ईसाइयों के 86 घरों को जलाने से संबंधित है। भीड़ का नेतृत्व कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने किया था। गौरतलब है कि जरनवाला में हुई घटना के बाद सैकड़ों ईसाई अपने घर छोड़कर भाग गए।
निजी दुश्मनी के चलते लगाए गए थे आरोप
चर्चों और ईसाई घरों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 100 से अधिक लोग वर्तमान में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप में दो भाइयों उमर सलीम उर्फ रॉकी और उमैर सलीम उर्फ राजा को भी गिरफ्तार किया था। फैसलाबाद में आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) के न्यायाधीश मुहम्मद हुसैन ने शुक्रवार को दोनों ईसाई भाइयों को बरी करने का आदेश दिया क्योंकि यह पता चला कि उन्हें स्थानीय मुसलमानों ने व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण फंसाया था।
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दोनों भाईयों को जेल से किया गया रिहा
मामले पर पुलिस ने कहा कि दोनों भाइयों के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी रखने वाले दो मुस्लिम व्यक्तियों ने उन्हें ईशनिंदा मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे जेल में हैं। पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद दोनों ईसाई भाइयों को जेल से रिहा कर दिया गया है।
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क्या है मामला?
यह मामला 16 अगस्त, 2023 को कुरान के अपमान के आरोप में लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर जारनवाला शहर में हजारों मुसलमानों की हिंसक भीड़ द्वारा 24 चर्चों और ईसाइयों के 86 घरों को जलाने से संबंधित है। भीड़ का नेतृत्व कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी, तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) ने किया था। गौरतलब है कि जरनवाला में हुई घटना के बाद सैकड़ों ईसाई अपने घर छोड़कर भाग गए।
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निजी दुश्मनी के चलते लगाए गए थे आरोप
चर्चों और ईसाई घरों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 100 से अधिक लोग वर्तमान में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप में दो भाइयों उमर सलीम उर्फ रॉकी और उमैर सलीम उर्फ राजा को भी गिरफ्तार किया था। फैसलाबाद में आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) के न्यायाधीश मुहम्मद हुसैन ने शुक्रवार को दोनों ईसाई भाइयों को बरी करने का आदेश दिया क्योंकि यह पता चला कि उन्हें स्थानीय मुसलमानों ने व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण फंसाया था।
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दोनों भाईयों को जेल से किया गया रिहा
मामले पर पुलिस ने कहा कि दोनों भाइयों के साथ व्यक्तिगत दुश्मनी रखने वाले दो मुस्लिम व्यक्तियों ने उन्हें ईशनिंदा मामले में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे जेल में हैं। पुलिस ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद दोनों ईसाई भाइयों को जेल से रिहा कर दिया गया है।