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रूस से एस-400 खरीदने के बाद अमेरिका से पैट्रियट सिस्टम खरीदना चाहता है तुर्की, जानिए वजह

Thu, 22 Oct 2020 09:10 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अंकारा Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 22 Oct 2020 09:10 PM IST
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Turkey wants to buy patriot system from America after buying s400 from russia
तुर्की का ध्वज - फोटो : सोशल मीडिया (फाइल)

रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम की खरीद करने के बाद अब तुर्की अमेरिका से पैट्रियट सिस्टम खरीदने की तैयारी कर कहा है। हालांकि, इसके लिए उसने कुछ शर्तें भी रखी हैं। तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार का कहना है कि अमेरिका से पैट्रियट सिस्टम खरीदने के लिए हमारे पास सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने कहा है कि हम सभी संभव विकल्पों को लेकर अपने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

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बता दें कि बीते दिनों अमेरिका के एप-16 लड़ाकू विमानों पर रूस के एस-400 डिफेंस सिस्टम का परीक्षण करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव में बढ़ोतरी हुई है। कई अमेरिकी सांसदों ने तो अमेरिकी कांग्रेस में तुर्की पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी पेश किया है। 
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अकार ने कहा है कि रूस से एस-400 खरीदने के बाद भी हम अमेरिका से पैट्रियट सिस्टम खरीदने के लिए तैयार हैं। एस-400 की खरीद हमारे लिए समय की जरूरत थी न कि प्राथमिकता। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम नाटो से अलग हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त उत्पादन और वितरण कार्यक्रम से संबंधित गारंटी दी जाती है तो हम इस ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
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सौदा होने की संभावना बहुत कम
हालांकि, अकार ने इशारों-इशारों में अमेरिका पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि हम यह नहीं सुनना चाहते हैं कि कोई हमसे यह कहे कि हम बेचने के लिए तैयार हैं लेकिन कांग्रेस इसकी इजाजत नहीं दे रही है। बता दें कि अमेरिकी कांग्रेस पहले ही तुर्की और रूस की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंतित और आक्रोशित है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस सौदे को इजाजत मिलने की संभावना कम ही है।


शक्ति संतुलन है तुर्की की मंशा
दरअसल, यह सौदा करके तुर्की, अमेरिका और रूस के साथ शक्ति संतुलित करना चाहता है। तुर्की को लगता है कि अमेरिका में होने वाले आगामी चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जाना तय है। उसे लगता है कि जो बिडेन अगर राष्ट्रपति बने तो वह रूस के साथ संबंध रखने पर जरा भी ढील नहीं देंगे। वहीं, वह अमेरिका में सत्ता परिवर्तन होने पर नए प्रतिबंधों की आशंका से भी चिंतित है।

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