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कैपिटल बिल्डिंग में घुसे ट्रंप समर्थक, संसद को बनाया बंधक, जमकर हुई हिंसा

Fri, 08 Jan 2021 05:09 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 08 Jan 2021 05:09 AM IST
सार

  • उपराष्ट्रपति माइक पेंस को भी उपद्रवियों ने संसद भवन में जाने से रोका
  • तोड़फोड़ के बाद वाशिंगटन में 15 दिन आपातकाल बढ़ाया गया
  • ट्रंप समर्थकों के पास से मिलीं बंदूकें और विस्फोटक डिवाइस 
  • अमेरिका में ही ट्रंप का हुआ जबरदस्त विरोध, महाभियोग चलाने की मांग भी उठी

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Trump supporters created a ruckus and try to enter in Capitol Hill building
ट्रंप समर्थक.... - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका में आम चुनाव में हार के बाद इलेक्टोरल कॉलेज, अदालत और अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने बुधवार को पूरी संसद को बंधक बना लिया। इसके चलते पूरे शहर में अफरा-तफरी मची रही। ट्रंप के समर्थकों ने उपराष्ट्रपति माइक पेंस और उनके अधिकारियों को भी अंदर जाने से रोक दिया। इस बीच, वाशिंगटन की मेयर ने शहर में 15 दिन तक आपातकाल बढ़ा दिया।

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अमेरिका में हुए इस हिंसक उपद्रव से पूरी दुनिया में अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। अमेरिकी संसद की इमारत (कैपिटल हिल) के आसपास जब पूरे इलाके को खाली कराया गया तब ट्रंप समर्थकों के पास से बंदूकों के अलावा संदिग्ध विस्फोटक डिवाइसें भी मिलीं जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। दंगाई लोग प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के कार्यालय में भी पहुंचे और तोड़फोड़ की। ट्रंप की ही पार्टी के नेता और देश के उपराष्ट्रपति जब इमारत में घुसने की कोशिश करने लगे तब भवन को बंधक बनाए उपद्रवियों ने उन्हें और उनके अधिकारियों को रोक दिया। बाद में पुलिस दखल के बाद वे अंदर गए। बिगड़ते हालात के बीच वाशिंगटन की मेयर मुरियल बाउजर ने 15 दिनों तक आपातकाल बढ़ाने का एलान कर दिया। 
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वायुसेना के विमानों ने भरी उड़ान
देश में मंडराते हुए संकट को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना भी हरकत में आ गई और नाइटवॉच विमान ई-4बी ने हवाई उड़ान भी भरी। इस अत्याधुनिक विमान में हजारों परमाणु बम नियंत्रित करने की क्षमता है। 
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अब भी जमे प्रदर्शनकारी
कैपिटल हिल पर हुए हंगामे को देखते हुए अमेरिका की राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद वहां पर प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं और कई बार कर्फ्यू का उल्लंघन करके सड़कों पर आए। पुलिस प्रमुख रॉबर्ट कोंटे ने कहा कि सभी गिरफ्तार लोग वाशिंगटन के उपनगरों और निकटवर्ती राज्यों से यहां पहुंचे थे। पुलिस ने मृतकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हिंसक झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

नीले झंडों के साथ पहुंचे ट्रंप के समर्थक
अमेरिका में नए राष्ट्रपति के नाम के औपचारिक एलान से पहले ही अमेरिकी संसद भवन के सामने हजारों ट्रंप समर्थकों ने नतीजे रद्द करने की मांग की। चुनाव में धांधली के आरोप लगाते हुए ये लोग लाल टोपी और नीले कपड़ों में यहां पहुंचे। उनके हाथों में नीले रंग के बैनर भी था जिनमें अमेरिका को महान बनाने वाले नारे लिखे थे। पुलिस ने जब इन समर्थकों को रोकने की कोशिश की तो लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई के सिर फूट गए और गोलियां भी चलीं। कुछ लोग रिपब्लिकन पार्टी के झंडे की ड्रेस पहन अस्थायी ढांचे पर भी चढ़े। इस तरह कैपिटल हिल पर हजारों लोग चढ़े और अंदर खिड़कियों के शीशे भी तोड़े।

रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने ही किया ट्रंप का विरोध 
वाशिंगटन में हुई शर्मसार करने वाली घटना को लेकर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के ही सांसदों ने उनका विरोध कर दिया। यहां तक कि इस घटना के बाद देश के राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार मैट पोटिंगर, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टेफानी ग्रीशम, व्हाइट हाउस की प्रेस उप सचिव सारा मैथ्यूज ने इस्तीफा दे दिया। रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रंप की आलोचना भी की।

अमेरिकी राजधानी में ट्रंप समर्थकों की हिंसा के बाद सारा मैथ्यूज ने इस्तीफे के बाद कहा, संसद में काम करने वाले कर्मी के रूप में मैंने आज जो देखा, उससे बेहद दुखी हूं। मैं अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे रही हूं। हमारे देश को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण की जरूरत है। ग्रीशम ने कहा, व्हाइट हाउस में सेवा देना उनके लिए सम्मानजनक रहा। ‘एबीसी’ न्यूज की खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस की सामाजिक सचिव रिकी निसेटा ने भी ट्रंप समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी दोस्त और देश के उपराष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि आज जिन्होंने यहां उत्पात मचाया है, वे जीते नहीं हैं। सीनेट में रिपब्लिकन नेता मिच मैककॉनेल ने हमले को असफल विद्रोह कहा और वादा किया कि ‘हम अराजकता या अपमान के आगे नहीं झुकेंगे।’ बाइडन को कांग्रेस में प्रमाण पत्र देने पर आपत्ति जताने वाले रिपब्लिकन सीनेटर केली लोफलर ने भी कहा कि दोपहर में हुई घटना के बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया है। अब वे बाइडन का विरोध नहीं करेंगे।

 

दबाव के बीच खुलकर बोले पेंस, हिंसा की जीत नहीं होती

अमेरिकी उपराष्ट्रपति और कांग्रेस की अध्यक्षता कर रहे माइक पेंस पर राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से बाइडन की जीत को पलटने का काफी दबाव था। इसके बावजूद उन्होंने ट्रंप समर्थकों की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि हिंसा की कभी जीत नहीं होती, हमेशा आजादी की जीत होती है।

हिंसा के बाद कांग्रेस के नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मुहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए एक बार फिर एकत्रित होने पर पेंस ने यह बयान दिया। संयुक्त सत्र शुरू होने के बाद उन्होंने कहा, हम यहां हुई हिंसा की कठोरतम शब्दों में निंदा करते हैं। इस ऐतिहासिक स्थान की रक्षा करने के लिए डटे रहे सभी पुरुषों और महिलाओं के हम हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा, कैपिटल में आज हंगामा करने वालों, तुम जीते नहीं हो, क्योंकि हिंसा कभी नहीं जीतती। इससे पहले, पेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप की अवहेलना करते हुए कहा था कि उन्हें निर्वाचक मंडल के मतों को खारिज करने की एकतरफा शक्ति प्राप्त नहीं है।

सांसदों ने कहा, अमेरिकी लोकतंत्र को ठेस पहुंची
ट्रंप समर्थकों के हंगामे के बाद घटना को लेकर देश के कई सांसदों ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तत्काल पद से हटाने की मांग की। सांसदों का आरोप रहा कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को भड़काया जिसके बाद उनके समर्थक कैपिटल परिसर में घुस गए और हंगामा किया और इससे अमेरिकी लोकतंत्र को ठेस पहुंची।

कांग्रेस सदस्य स्टीवन होर्सफोर्ड ने कहा, आज राष्ट्रपति ट्रंप ने लोकतंत्र को बाधित किया है। 1812 के युद्ध के बाद पहली बार अमेरिकी कैपिटल हिल में सेंधमारी हुई है। कांग्रेस सदस्य अर्ल ब्लूमेनॉयर ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की। उन्होंने ट्रंप को तत्काल हटाने की मांग की। कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर ने कहा, सभी नेताओं को इस तख्तापलट की निंदा करना चाहिए और राष्ट्रपति पर महाभियोग लगना चाहिए। इन सांसदों के अलावा अयान्न प्रिस्ले, जिम्मी गोम्स, कैथे मैनिंग, एंथनी ब्राउन ने भी राष्ट्रपति को शीघ्र पद से हटाने की मांग की है।

वाशिंगटन के फसाद पर फूटा बाइडन का गुस्सा
वाशिंगटन। अमेरिका में हुई हिंसा पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विलमिंग्टन में बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र अप्रत्याशित रूप से खतरे में है। मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अपील कर रहा हूं कि वे अपनी शपथ का पालन करते हुए संविधान की रक्षा करें और कैपिटल को कब्जे से मुक्त कराएं। उन्होंने कहा, कैपिटल में घुसकर खिड़कियां तोड़ना, फ्लोर पर कब्जा कर लेना और उथल-पुथल मचाना विरोध नहीं फसाद है।

हिंसा को झूठ बोलने वाले राष्ट्रपति ने भड़काया : ओबामा
वाशिंगटन। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए इस हिंसा को बेहद अपमान और शर्मिंदगी का पल बताया है। उन्होंने कहा, इतिहास कैपिटल में हुई हिंसा की घटना को याद रखेगा जिसे वैध चुनावी नतीजे के बारे में लगातार निराधार झूठ बोलने वाले एक निवर्तमान राष्ट्रपति ने भड़काया। यह अमेरिका के लिए बेहद अपमान और शर्म की बात है।

अमेरिकी हिंसा पर चीन का तंज
अमेरिकी हिंसा को लेकर प्रतिद्वंद्वी देश चीन के सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अमेरिका पर तंज कसा है। अखबार ने लिखा है, चीन उम्मीद करता है कि अमेरिका में जल्द से जल्द शांति, स्थिरता और सुरक्षा बहाल होगी। ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने हांगकांग में चल रहे प्रदर्शनों की तस्वीरें कैपिटल हिल इमारत में हुई हिंसा के साथ पेश करते हुए यह संकेत देने की कोशिश की है कि अमेरिका उसके साथ हांगकांग में गलत बर्ताव करता है। विदेश मंत्रालय प्वक्ता के हवाले से अखबार ने लिखा, हम चाहेंगे कि लोग देखें कि कैसे कुछ लोग और अमेरिकी मीडिया हांगकांग में हुई उथल-पुथल को एक अलग ही रंग देने की कोशिश कर रहे थे।
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