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US: फेड बोर्ड से लिसा कुक को हटाने पर अड़ा ट्रंप प्रशासन; अपीलीय अदालत से की आपात आदेश जारी करने की मांग

Fri, 12 Sep 2025 03:00 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 12 Sep 2025 03:00 AM IST
सार

ट्रंप ने 25 अगस्त को कुक को बर्खास्त कर दिया था। दरअसल कुक पर आरोप लगा है कि उन्होंने साल 2021 में खरीदी गई दों संपत्तियों के संबंध में धोखाधड़ी की थी। हालांकि उस वक्त लिसा कुक फेडरल रिजर्व गवर्नर नहीं थीं।

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Trump administration requests emergency ruling to remove Lisa Cook from Federal board
फेड गवर्नर लिसा कुक और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : federalreserve.gov / पीटीआई

विस्तार

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) की गवर्नर लिसा कुक और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बीच खींचतान जारी है। संघीय अदालत से झटके के बाद अब ट्रंप प्रशासन ने अपील अदालत से मांग की है कि सोमवार तक फेडरल रिजर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से लिसा कुक को हटा दिया जाए, ताकि वह केंद्रीय बैंक की अगली ब्याज दर बैठक में शामिल न हो सकें। 
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अपील में ट्रंप प्रशासन ने अदालत से सोमवार तक निचली अदालत के आदेश को पलटने की अपील की है। बता दें कि फेड की अगली बैठक मंगलवार को शुरू होगी और बुधवार को ब्याज दर पर निर्णय होगा। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क दर को एक चौथाई अंक घटाकर करीब 4.1% कर देगा।
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पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 अगस्त को कुक को बर्खास्त करने का आदेश दिया था, लेकिन फिर एक संघीय न्यायाधीश ने मंगलवार को इसे अवैध करार दिया था। साथ ही उन्हें उनके पद पर बहाल कर दिया।
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यह फैसला पारंपरिक रूप से स्वतंत्र रहने वाले फेडरल रिजर्व पर नियंत्रण स्थापित करने के ट्रंप प्रशासन के प्रयासों के लिए बड़ा झटका है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व, कीमतों को स्थिर रखने और रोजगार के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अल्पकालिक ब्याज दरें निर्धारित करता है।

ट्रंप ने 25 अगस्त को कुक को बर्खास्त कर दिया था। दरअसल कुक पर आरोप लगा है कि उन्होंने साल 2021 में खरीदी गई दों संपत्तियों के संबंध में धोखाधड़ी की थी। हालांकि उस वक्त लिसा कुक फेडरल रिजर्व गवर्नर नहीं थीं। कुक ने इस फैसले के खिलाफ अदालत में अपील की। अदालत में कुक के वकीलों ने तर्क दिया कि कुक को बर्खास्त करना गैरकानूनी था क्योंकि राष्ट्रपति फेड गवर्नरों को केवल किसी ठोस वजह से ही बर्खास्त कर सकते हैं। इन वजहों में पद पर रहते हुए अक्षमता, कर्तव्य की उपेक्षा या दुराचार जैसे आरोप शामिल हैं। 

लिसा कुक ने अदालत में कहा कि बर्खास्त किए जाने से पहले उन्हें सुनवाई और आरोपों का जवाब देने का मौका मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।  

मामले में यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जिया कॉब ने अपने फैसले में कहा कि फेड गवर्नर केवल 'दुराचार' या कर्तव्य में विफलता' जैसी वजहों से हटाए जा सकते हैं, और कुक ने 2022 में ही बोर्ड ज्वॉइन किया था। वहीं, ट्रंप प्रशासन के वकीलों का तर्क है कि भले ही ये कथित कृत्य बोर्ड में शामिल होने से पहले हुआ हो, लेकिन यह कुक की ईमानदारी और अर्थव्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


राष्ट्रपति नीतिगत मतभेदों के आधार पर फेड अधिकारियों को नहीं हटा सकते: सर्वोच्च न्यायालय
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय पहले ही संकेत दे चुका है कि राष्ट्रपति केवल नीतिगत मतभेदों के आधार पर फेड अधिकारियों को नहीं हटा सकते। हटाने का आधार केवल गंभीर कारण जैसे कदाचार या कर्तव्य में लापरवाही हो सकता है। अधिकांश कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में बर्खास्तगी से पहले एक न्यायिक प्रक्रिया होनी चाहिए, जिससे संबंधित अधिकारी अपना पक्ष रख सके।  
 
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