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US Veterans Job Cut: 80 हजार कर्मचारियों को निकालेंगे ट्रंप, हटाए कर्मी बोले, वोट देकर ठगा महसूस कर रहे
Wed, 05 Mar 2025 10:52 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 05 Mar 2025 10:52 PM IST
सार
एक आंतरिक ज्ञापन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन वेटरन मामलों के विभाग के 80 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रहा है। अमेरिका में वेटरन विभाग का गठन सेवानिवृत्त सैन्य सदस्यों के स्वास्थ्य देखभाल के लिए हुआ था।
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डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका
- फोटो : ANI
विस्तार
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से वह लगातार अमेरिका के सरकारी विभागों से लोगों को नौकरी से निकल रहे हैं। ट्रंप आईआरए, यूएसएड, फेमा और ईपीए जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियों से 20,000 से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुके हैं। अब वह एक बार फिर से 80 हजार लोगों को निकालने की तैयारी कर रहे हैं। शीर्ष-स्तरीय कर्मचारियों को अगस्त में व्यापक पुनर्गठन के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
एलन मस्क के DOGE के साथ मिलकर काम करने का आह्वान
एजेंसी के अधिकारियों से व्हाइट हाउस के सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। वेटरन्स विभाग के ज्ञापन में कहा गया है कि डीओजीई के साथ समन्वय का मकसद व्यावहारिक और अनुशासित दृष्टिकोण अपनाते हुए आक्रामक तरीके से आगे बढ़ना है। बता दें कि डीओजीई अरबपति उद्योगपति एलन मस्क के दिशानिर्देश में काम करता है।
अमेरिका में 80 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी
एक आंतरिक ज्ञापन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन वेटरन मामलों के विभाग के 80 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रहा है। वेटरन विभाग सेवानिवृत्त सैन्य सदस्यों के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाली विशाल एजेंसी है।
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कर्मचारियों की संख्या घटाकर चार लाख से कम करने का लक्ष्य
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन वेटरन्स अफेयर्स विभाग के आक्रामक पुनर्गठन की योजना बना रहा है। आंतरिक ज्ञापन के अनुसार, वेटरन्स अफेयर्स विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ, क्रिस्टोफर सिरेक ने एजेंसी के शीर्ष स्तर के अधिकारियों को बताया कि पुनर्गठन का मकसद कर्मचारियों की संख्या घटाकर चार लाख से कम करना है।
बाइडन प्रशासन के दौर में नियुक्त हजारों कर्मचारियों की विदाई होगी
इस विभाग में स्टाफिंग का स्तर 2019 में 4,00,000 से कम था। बाइडन की विदाई के बाद सत्ता में लौटे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर्मचारियों की पर्याप्त कटौती करने पर विचार कर रहा है। बाइडन प्रशासन के दौर में नियुक्त किए गए हजारों कर्मचारियों को निकालना होगा।
इन कर्मचारियों पर भी असर पड़ेगा
हजारों कर्मचारियों को निकालने के फैसले का असर 2022 के PACT अधिनियम के तहत लाभ पाने वाले दिग्गजों पर भी होगा। इस कानून की मदद से अमेरिका में विषैले पदार्थों और बर्न पिट्स से प्रभावित होने वाले पूर्व कर्मचारियों का इलाज कराया जाता है।
कर्मचारियों को निकाले जाने का विरोध भी हो रहा है
यह भी दिलचस्प है कि कई लोग कर्मचारियों को निकाले जाने के खिलाफ बोल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के फैसले का विरोध करने वाले लोगों में हजारों कर्मचारी नियमित हैं, जबकि सैकड़ों अनुबंध पर काम कर रहे हैं। वेटरन्स विभाग के कार्यबल का 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खुद दिग्गज ही हैं।
हटाए कर्मी बोले, वोट देकर ठगा महसूस कर रहे
इस बीच, हालिया छंटनी में नौकरी से निकाले गए पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने गत वर्ष नवंबर में हुए चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए मतदान किया था लेकिन अब वे बेरोजगार हैं और अपने फैसले से दुखी हैं। पूर्व सैनिक विभाग के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ क्रिस्टोफर सिरेक ने कहा, पुनर्गठन का मकसद कर्मियों का स्तर 2019 के समान लाना है। इस बीच, बीच कई सैनिकों को नौकरी से निकालने पर वायुसेना के पूर्व सैनिक नैथन हूवेन ने कहा, ट्रंप को दिया वोट बेकार गया। उनके साथ विश्वासघात हुआ है।
संबंधित वीडियो--
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एलन मस्क के DOGE के साथ मिलकर काम करने का आह्वान
एजेंसी के अधिकारियों से व्हाइट हाउस के सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। वेटरन्स विभाग के ज्ञापन में कहा गया है कि डीओजीई के साथ समन्वय का मकसद व्यावहारिक और अनुशासित दृष्टिकोण अपनाते हुए आक्रामक तरीके से आगे बढ़ना है। बता दें कि डीओजीई अरबपति उद्योगपति एलन मस्क के दिशानिर्देश में काम करता है।
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अमेरिका में 80 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी
एक आंतरिक ज्ञापन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन वेटरन मामलों के विभाग के 80 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रहा है। वेटरन विभाग सेवानिवृत्त सैन्य सदस्यों के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाली विशाल एजेंसी है।
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कर्मचारियों की संख्या घटाकर चार लाख से कम करने का लक्ष्य
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन वेटरन्स अफेयर्स विभाग के आक्रामक पुनर्गठन की योजना बना रहा है। आंतरिक ज्ञापन के अनुसार, वेटरन्स अफेयर्स विभाग के चीफ ऑफ स्टाफ, क्रिस्टोफर सिरेक ने एजेंसी के शीर्ष स्तर के अधिकारियों को बताया कि पुनर्गठन का मकसद कर्मचारियों की संख्या घटाकर चार लाख से कम करना है।
बाइडन प्रशासन के दौर में नियुक्त हजारों कर्मचारियों की विदाई होगी
इस विभाग में स्टाफिंग का स्तर 2019 में 4,00,000 से कम था। बाइडन की विदाई के बाद सत्ता में लौटे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कर्मचारियों की पर्याप्त कटौती करने पर विचार कर रहा है। बाइडन प्रशासन के दौर में नियुक्त किए गए हजारों कर्मचारियों को निकालना होगा।
इन कर्मचारियों पर भी असर पड़ेगा
हजारों कर्मचारियों को निकालने के फैसले का असर 2022 के PACT अधिनियम के तहत लाभ पाने वाले दिग्गजों पर भी होगा। इस कानून की मदद से अमेरिका में विषैले पदार्थों और बर्न पिट्स से प्रभावित होने वाले पूर्व कर्मचारियों का इलाज कराया जाता है।
कर्मचारियों को निकाले जाने का विरोध भी हो रहा है
यह भी दिलचस्प है कि कई लोग कर्मचारियों को निकाले जाने के खिलाफ बोल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के फैसले का विरोध करने वाले लोगों में हजारों कर्मचारी नियमित हैं, जबकि सैकड़ों अनुबंध पर काम कर रहे हैं। वेटरन्स विभाग के कार्यबल का 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खुद दिग्गज ही हैं।
हटाए कर्मी बोले, वोट देकर ठगा महसूस कर रहे
इस बीच, हालिया छंटनी में नौकरी से निकाले गए पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने गत वर्ष नवंबर में हुए चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए मतदान किया था लेकिन अब वे बेरोजगार हैं और अपने फैसले से दुखी हैं। पूर्व सैनिक विभाग के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ क्रिस्टोफर सिरेक ने कहा, पुनर्गठन का मकसद कर्मियों का स्तर 2019 के समान लाना है। इस बीच, बीच कई सैनिकों को नौकरी से निकालने पर वायुसेना के पूर्व सैनिक नैथन हूवेन ने कहा, ट्रंप को दिया वोट बेकार गया। उनके साथ विश्वासघात हुआ है।
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