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नियमों का चक्रव्यूह या ट्रंप की मजबूरी?:11000 लेबनानी नागरिकों को राहत, नवंबर 2026 तक अमेरिका में रहने की छूट
Sat, 30 May 2026 02:37 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मियामी।
पीटीआई, मियामी।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 30 May 2026 02:37 AM IST
सार
सरकारी अधिकारियों की देरी के कारण 11,000 लेबनानी प्रवासियों को बड़ी राहत मिल गई है। इनका अस्थाई सुरक्षा दर्जा अब अपने आप छह महीने के लिए बढ़ गया है। लेबनान में जारी युद्ध के बीच ये लोग अब 27 नवंबर, 2026 तक अमेरिका में रह सकेंगे और काम कर सकेंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है। ट्रंप प्रशासन ने करीब 11,000 लेबनानी नागरिकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने इन्हें देश से बाहर निकालने पर रोक लगा दी है। अब ये लोग अगले छह महीने तक अमेरिका में सुरक्षित रह सकते हैं। सरकार ने इन्हें वहां काम करने की भी मंजूरी दे दी है। यह फैसला अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने सुनाया है। इस फैसले को बहुत दुर्लभ माना जा रहा है। आमतौर पर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी इन नियमों का विरोध करती है। लेकिन इस बार सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। दरअसल, इस समय दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना और हिजबुल्ला के बीच भीषण जंग चल रही है।
तय समय पर फैसला नहीं ले पाई सरकार
इस राहत के पीछे एक दिलचस्प कानूनी वजह है। दरअसल, सरकार लेबनान के नागरिकों के भविष्य पर फैसला लेने की तय समय सीमा भूल गई। अमेरिकी कानून के मुताबिक, इस योजना को अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) कहा जाता है। नियम कहता है कि अगर सरकार समय पर फैसला न ले पाए, तो यह राहत अपने आप छह महीने के लिए आगे बढ़ जाती है। यह ट्रंप प्रशासन का एक बिल्कुल अनोखा फैसला है। इससे पहले इस सरकार ने 13 देशों के नागरिकों को मिलने वाली ऐसी राहत बंद कर दी थी। इनमें वेनेजुएला, हैती, निकारागुआ और सीरिया जैसे देश शामिल थे।
यह भी पढ़ें: केन्याई अदालत का बड़ा फैसला: US के इबोला क्वारंटाइन सेंटर पर लगाई रोक, जनता बोली-हमारा देश कचरा पेटी नहीं
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क्या है यह कानून और क्यों हुई देरी?
अमेरिकी संसद ने साल 1990 में टीपीएस कानून बनाया था। इसका मकसद उन लोगों की जान बचाना है जिनके देश में युद्ध या प्राकृतिक आपदा चल रही हो। इसके तहत प्रवासियों को 18 महीने तक अमेरिका में रहने और काम करने का हक मिलता है। बाइडन प्रशासन ने इस योजना का दायरा बहुत बढ़ा दिया था। तब 17 देशों के 10 लाख से अधिक लोग इसका फायदा उठा रहे थे।
डीएचएस के नोटिस के मुताबिक, विभाग के मंत्रियों के बदलने से यह देरी हुई। पहले क्रिस्टी नोएम इस विभाग की प्रमुख थीं। उनके बाद मार्कवेन मुलिन को जिम्मेदारी मिली। मुलिन पिछले दो महीने से ही पद पर हैं। दोनों मंत्री मिलकर 28 मार्च की समय सीमा तक लेबनान के हालात पर कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाए थे।
कब तक सुरक्षित रहेंगे लेबनानी नागरिक?
सरकार की इस चूक का फायदा अब इन लेबनानी नागरिकों को मिलेगा। अब ये लोग 27 नवंबर, 2026 तक अमेरिका में पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें जरूरी नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, जिन लेबनानी लोगों के पास काम करने का लाइसेंस है, वह भी 27 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा।
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तय समय पर फैसला नहीं ले पाई सरकार
इस राहत के पीछे एक दिलचस्प कानूनी वजह है। दरअसल, सरकार लेबनान के नागरिकों के भविष्य पर फैसला लेने की तय समय सीमा भूल गई। अमेरिकी कानून के मुताबिक, इस योजना को अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) कहा जाता है। नियम कहता है कि अगर सरकार समय पर फैसला न ले पाए, तो यह राहत अपने आप छह महीने के लिए आगे बढ़ जाती है। यह ट्रंप प्रशासन का एक बिल्कुल अनोखा फैसला है। इससे पहले इस सरकार ने 13 देशों के नागरिकों को मिलने वाली ऐसी राहत बंद कर दी थी। इनमें वेनेजुएला, हैती, निकारागुआ और सीरिया जैसे देश शामिल थे।
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क्या है यह कानून और क्यों हुई देरी?
अमेरिकी संसद ने साल 1990 में टीपीएस कानून बनाया था। इसका मकसद उन लोगों की जान बचाना है जिनके देश में युद्ध या प्राकृतिक आपदा चल रही हो। इसके तहत प्रवासियों को 18 महीने तक अमेरिका में रहने और काम करने का हक मिलता है। बाइडन प्रशासन ने इस योजना का दायरा बहुत बढ़ा दिया था। तब 17 देशों के 10 लाख से अधिक लोग इसका फायदा उठा रहे थे।
डीएचएस के नोटिस के मुताबिक, विभाग के मंत्रियों के बदलने से यह देरी हुई। पहले क्रिस्टी नोएम इस विभाग की प्रमुख थीं। उनके बाद मार्कवेन मुलिन को जिम्मेदारी मिली। मुलिन पिछले दो महीने से ही पद पर हैं। दोनों मंत्री मिलकर 28 मार्च की समय सीमा तक लेबनान के हालात पर कोई अंतिम फैसला नहीं ले पाए थे।
कब तक सुरक्षित रहेंगे लेबनानी नागरिक?
सरकार की इस चूक का फायदा अब इन लेबनानी नागरिकों को मिलेगा। अब ये लोग 27 नवंबर, 2026 तक अमेरिका में पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें जरूरी नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, जिन लेबनानी लोगों के पास काम करने का लाइसेंस है, वह भी 27 नवंबर, 2026 तक लागू रहेगा।