चेतावनी : डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक बोले- जल्दबाजी में प्रतिबंध हटाना हो सकता है विनाशकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि विश्व में डेल्टा के साथ-साथ अन्य वेरिएंट का प्रसार अभी भी तेजी से हो रहा है, इसलिए जल्दबाजी में प्रतिबंध हटाना किसी भी देश के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर कम होने के बाद भारत समेत कई देशों ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत दुकान से लेकर मेट्रो तक को खोलने की इजाजत दे दी गई है। वहीं इस बीच अब विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि विश्व में डेल्टा के साथ-साथ अन्य वेरिएंट का प्रसार अभी भी तेजी से हो रहा है, इसलिए जल्दबाजी में प्रतिबंध हटाना किसी भी देश के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश पूरी आबादी को वैक्सीन लगाने के बाद ही पाबंदी में ढील दे नहीं तो तीसरी लहर आने से कोई नहीं रोक सकता है।
उन्होंने कहा कि कई देश अभी भी बेहद खतरनाक स्थिति का सामना कर रहे हैं, जबकि उच्चतम टीकाकरण दर वाले देश प्रतिबंधों को समाप्त करने को लेकर विचार कर रहे हैं, लेकिन वायरस के परिसंचरण और प्रतिक्रिया क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें सावधानी से काम लेना चाहिए।
With the increased global transmission of variants of concern including the Delta variant, lifting restrictions too quickly could be disastrous for those who are not vaccinated: WHO Director-General Tedros Adhanom Ghebreyesus pic.twitter.com/0KB5st73Xd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 7, 2021
बता दें कि बीते महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के पूरे स्ट्रेन को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' यानी चिंता वाला वैरिएंट बताया था। इस पर भारत सरकार ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। वहीं अब डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इसका बस एक सब लिनिएज ही अब चिंता का विषय है। यानी B.1.617 वेरिएंट के तीन स्ट्रेन में से बस एक स्ट्रेन चिंता का विषय है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अब बड़े स्तर पर पब्लिक हेल्थ के लिए बी.1.617.2 ही अब चिंता का सबब है, जबकि बाकी के दो स्वरूप में संक्रमण फैलाने की दर बहुत कम है।