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सिंगापुर: टेक सपोर्ट घोटालों में संलिप्त तीन भारतीय छात्रों को सुनाई गई जेल की सजा
Thu, 06 Jan 2022 03:56 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 06 Jan 2022 03:56 PM IST
सार
पढ़ाई करने सिंगापुर गए तीन भारतीय छात्र वहां पहुंच कर जल्दी पैसा कमाने के लिए अवैध गतिविधियों में संलिप्त हो गए। तीनों छात्रों को यहां की अदालत ने जेल भेज दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल
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विस्तार
सिंगापुर में पढ़ाई करने आए भारत के तीन नागरिकों को टेक सपोर्ट धोखाधड़ी के मामलों में जेल की सजा सुनाई गई है। जिन्हें सजा सुनाई गई है उनके नाम नंदी नीलाद्रि (24), आकाश दीप सिंह (23) और गिरि देवजीत (24) हैं। नंदी नीलाद्रि को 18 महीने की सजा सुनाई गई। नीलाद्रि ने करीब 30,500 सिंगापुरी डॉलर का लेन-देन किया था। उसने भुगतान सेवा अधिनियम के तहत अपने खिलाफ लगाए गए तीन आरोप स्वीकार किए।
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आकाश दीप सिंह ने एक लाख 18 हजार सिंगापुरी डॉलर से अधिक की राशि का देन-देन किया था। उसे एक साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा गिरि देवजीत को सात महीने कैद की सजा सुनाई गई है। गिरि और नंदी 2019 में सिंगापुर पढ़ाई करने आए थे। वहीं, आकाश इसके एक साल के बाद यहां आया था। हालांकि, यह अदालती दस्तावेजों में यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि वह किस कॉलेज में पढ़ रहे थे।
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इन तीनों के सहयोगियों में शामिल तीर्थ सिंह (22), तेनजिंग उग्येन लामा शेरपा (23), मुखर्जी सुकन्या (24) और जसप्रीत सिंह (26) को अदालत की ओर से पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। 2020 में तेनजिंग ने गिरि और नंदी को एक मनी लॉन्ड्रिंग योजना के बारे में बताया था जिसमें काम करने वालों को अपने बैंक खातों में नकदी पाने की अनुमति मिल रही थी। जिसके बाद इन्होंने लाखों डॉलर की राशि अपने खातों में मंगलवाई थी।
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