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पाकिस्तान: बलूचिस्तान में तीन कोयला खनिकों की गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार
Sun, 21 Nov 2021 04:08 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, क्वेटा
पीटीआई, क्वेटा
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 21 Nov 2021 04:08 PM IST
सार
घटना बलूचिस्तान के हरनाई जिले के दूरस्थ शरग इलाके में हुई। मृत श्रमिकों के शवों को पहचान व अन्य औपचारिकताओं के लिए क्वेटा लाया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में अज्ञात बंदूकधारी ने एक कोयला खान में तीन श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी। हमले के बाद हमलावर फरार हो गया।
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि घटना बलूचिस्तान के हरनाई जिले के दूरस्थ शरग इलाके में हुई। सरकारी प्रवक्ता ने मृत श्रमिकों के शवों को पहचान व अन्य औपचारिकताओं के लिए क्वेटा लाया गया है।
बलूचिस्तान कोल माइंस वर्कर्स फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा कि मारे गए तीनों खनिक प्रांत के नहीं थे। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने समूचे इलाके की घेराबंदी की और अपराधियों को पकड़ने का अभियान छेड़ा। हमले के लिए अब तक किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
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इस हिंसक घटना के बाद पड़ोसी अफगानिस्तान के शरणार्थी श्रमिकों व अन्य ने बलूचिस्तान प्रांत छोड़ दिया। इन घातक हमलों के अलावा बलूचिस्तान की कोयला खदानों में गैस विस्फोटों, दीवार ढहने व अन्य घटनाओं में श्रमिकों के मारे जाने के मामले सामने आते रहते हैं। इससे पहले 11 जनवरी को भी 11 कोयला श्रमिकों को दूरस्थ माच कोल फील्ड से अपहरण करने के बाद मार डाला गया था। इस हमले की व्यापक निंदा हुई थी।
बलूचिस्तान के मिनरल्स डिपार्टमेंट के अनुमान के मुताबिक प्रांत में 2800 कोल माइंस हैं। इनमें 70 हजार से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं।
शनिवार को पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने इन कोयला खदानों में श्रमिकों की दयनीय दशा पर चिंता जताई है। हरनाई प्रांत के लोगों ने श्रमिकों की हत्या के विरोध में एक रैली भी निकाली। इसके जरिए इन श्रमिकों की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
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एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि घटना बलूचिस्तान के हरनाई जिले के दूरस्थ शरग इलाके में हुई। सरकारी प्रवक्ता ने मृत श्रमिकों के शवों को पहचान व अन्य औपचारिकताओं के लिए क्वेटा लाया गया है।
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बलूचिस्तान कोल माइंस वर्कर्स फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा कि मारे गए तीनों खनिक प्रांत के नहीं थे। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने समूचे इलाके की घेराबंदी की और अपराधियों को पकड़ने का अभियान छेड़ा। हमले के लिए अब तक किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
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इस हिंसक घटना के बाद पड़ोसी अफगानिस्तान के शरणार्थी श्रमिकों व अन्य ने बलूचिस्तान प्रांत छोड़ दिया। इन घातक हमलों के अलावा बलूचिस्तान की कोयला खदानों में गैस विस्फोटों, दीवार ढहने व अन्य घटनाओं में श्रमिकों के मारे जाने के मामले सामने आते रहते हैं। इससे पहले 11 जनवरी को भी 11 कोयला श्रमिकों को दूरस्थ माच कोल फील्ड से अपहरण करने के बाद मार डाला गया था। इस हमले की व्यापक निंदा हुई थी।
बलूचिस्तान के मिनरल्स डिपार्टमेंट के अनुमान के मुताबिक प्रांत में 2800 कोल माइंस हैं। इनमें 70 हजार से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं।
शनिवार को पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने इन कोयला खदानों में श्रमिकों की दयनीय दशा पर चिंता जताई है। हरनाई प्रांत के लोगों ने श्रमिकों की हत्या के विरोध में एक रैली भी निकाली। इसके जरिए इन श्रमिकों की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।