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बेरूत धमाके में जर्मनी की राजनयिक की भी मौत, फ्रांस के राष्ट्रपति पहुंचे लेबनान

Thu, 06 Aug 2020 08:59 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, बेरूत
पीटीआई, बेरूत Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 06 Aug 2020 08:59 PM IST
सार

  • इस धमाके का कारण रहा 2700 टन अमोनियम नाइट्रेट
  • हादसे में 135 लोगों की मौत, पांच हजार से ज्यादा घायल
  • भीषण धमाके में जर्मनी की एक राजनयिक की भी मौत

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Things are slowly returning to normal after the blast in Beirut capital of Lebanon
बेरूत में धमाके से मची तबाही - फोटो : पीटीआई

विस्तार

लेबनान की राजधानी बेरूत में भीषण धमाके के बाद अब धीरे-धीरे हालत सामान्य हो रहे हैं। सेना के बुलडोजर सड़क यातायात फिर से शुरू करने के लिए तबाह हो चुके बंदरगाह के मलबे को साफ करने में जुटे हैं। वहीं, विस्फोट के बाद फ्रांस लेबनान के साथ खड़ा है यह जताने के लिए राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों यहां आए हुए हैं।

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इस भीषण धमाके में जर्मनी की एक राजनयिक की भी मौत हुई है। जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने गुरुवार को बताया कि धमाके के वक्त जर्मन राजनयिक बेरूत में अपने अपार्टमेंट में थीं। राजनयिक की पहचान के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। मास ने दिवंगत राजनयिक के परिवार के प्रति सांत्वना जताई।
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इससे पहले बुधवार को सरकार ने धमाके की जांच कराने का वादा करते हुए बंदरगाह के अधिकारियों को घर में नजरबंद कर दिया था। यहां मंगलवार को एक बंदरगाह में अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने के बाद हुए धमाके में कम से कम 135 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच हजार से अधिक लोग घायल हो गए।

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लेबनान के नेताओं को सच्चाई सुनने की जरूरत है: मैक्रों

दूसरी ओर विस्फोट के बाद फ्रांस लेबनान के साथ खड़ा है यह जताने के लिए राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों यहां आए हैं। फ्रांस और अन्य देशों ने आपात सहायता और खोज व बचाव दलों को यहां भेजा है। लेकिन पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को वापस खड़े करने के लिए बड़ी अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत होगी।

मैक्रों ने यहां कहा कि लेबनान के नेताओं को अपने यहां की सच्चाईयों को सुनने की जरूरत है। उन्होंने लेबनान के लोगों की मदद के लिए सहायता की पेशकश की। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पहले से ही संकट से जूझ रहा लेबनान और डूबता जाएगा अगर यहां के नेता सुधारों को अमल में नहीं लाते हैं। 

आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को धमाके ने झकझोरा

पहले ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को इस धमाके ने झकझोर कर रख दिया है। अब वह फिर से खड़ा होने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की उम्मीद कर रहा है। कोविड-19 के चलते देश के अधिकतर अस्पताल पहले ही भरे हैं। ऐसे में धमाके में घायल लोगों के इलाज में खासी समस्या सामने आ रही है।

बेरूत के गवर्नर मरवान अबूद ने बुधवार को सऊदी अरब द्वारा संचालित टीवी स्टेशन अल-हदस को बताया कि इस धमाके से लगभग 10 से 15 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बेरूत का बंदरगाह भी बर्बाद हो गया है।

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