{"_id":"5f6fae7a8ebc3edc0f59ccda","slug":"the-security-issue-of-journalists-is-not-on-the-agenda-of-pak-cabinet","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक कैबिनेट के एजेंडे में नहीं पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाक कैबिनेट के एजेंडे में नहीं पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा
Sun, 27 Sep 2020 02:42 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 27 Sep 2020 02:42 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का मंत्रिमंडल देश में पत्रकारों और मीडिया पर घातक हमले के मुद्दे पर अपनी प्रथम 62 बैठकों में से किसी में भी चर्चा करने में विफल रहा।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बैठकें एक सितंबर 2018 से 30 जनवरी 2020 के बीच हुई थी। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, स्थानीय मीडिया एवं विकास क्षेत्र निगरानी संस्था फ्रीडम नेटवर्क द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि उसे सरकार से इस बारे में यह जानकारी मिली।
विज्ञापन
दरअसल, उसने एक अनुरोध पत्र देकर यह जानना चाहा था कि क्या मंत्रिमंडल ने पत्रकारों पर हमले के मुद्दे पर कभी अपनी बैठकों में चर्चा की? खबर में कहा गया है, पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को निशाना बना कर कई हमले किए जाने के बावजूद संघीय मंत्रिमंडल ने अपनी प्रथम 62 बैठकों में यह मुद्दा कभी नहीं उठाया।
विज्ञापन
मीडिया निगरानी संस्था ने कहा कि इस अवधि के दौरान सात पत्रकारों और एक ब्लॉगर की हत्या हुई, छह मीडिया कर्मियों का अपहरण हुआ और 15 को विभिन्न कानूनी मामलों में नामजद किया गया। मंत्रिमंडल प्रभाग के खंड अधिकारी जमील अहमद ने ‘फ्रीडम नेटवर्क’ को संघीय सूचना आयोग के जरिये बताया कि इन बैठकों में पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा एजेंडे में नहीं था।