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South Korea: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से 10 घंटे तक अधिकारियों ने की पूछताछ; यून ने नहीं दिए सवालों के जवाब

Thu, 16 Jan 2025 02:59 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल Published by: बशु जैन Updated Thu, 16 Jan 2025 02:59 PM IST
सार

महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल से भ्रष्टाचार जांच कार्यालय के मुख्यालय में अधिकारियों ने 10 घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय में यून की रिहाई याचिका पर सुनवाई हुई। यून के सैकड़ों समर्थक अदालत के पास सड़कों पर जमा रहे। 

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The President of South Korea was interrogated by officials for 10 hours; Yun did not answer the questions
यून सुक योल - फोटो : एएनआई

विस्तार

दक्षिण कोरिया में महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक येओल भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ताओं के सवालों के जवाब नहीं दिए। यून के वकीलों ने गुरुवार को एक बार फिर कहा कि जांच अवैध है। भ्रष्टाचार जांच कार्यालय के मुख्यालय में अधिकारियों ने यून से 10 घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। वहीं सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय में यून की रिहाई याचिका पर सुनवाई हुई।

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दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के एलान से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए बुधवार को यून सुक येओल को गिरफ्तार किया था। इसके लिए जांचकर्ताओं और पुलिस को समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इससे पहले भी जांच एजेंसी ने दो बार यून को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी।
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भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी और पुलिस संयुक्त रूप से यून के मामले की जांच करेंगे कि क्या तीन दिसंबर को यून द्वारा कुछ समय के लिए लागू किया गया मार्शल लॉ विद्रोह के समान था? अब यून से पूछताछ कर रही जांच एजेंसी के पास उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए अदालती आदेश का अनुरोध करने या उन्हें रिहा करने के लिए 48 घंटे का समय है।
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वहीं यून के वकीलों का कहना है कि सियोल पश्चिमी जिला न्यायालय द्वारा जारी किया गया हिरासत वारंट अवैध है। वकीलों का कहना है कि केवल अदालत की सुनवाई के बाद ही गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। उन्होंने सियोल सेंट्रल जिला न्यायालय से यून की रिहाई पर विचार करने को कहा है। कोर्ट उनकी याचिका पर सुनवाई कर रहा है। राष्ट्रपति के वकील सेओक डोंग-हियोन ने कहा कि सुरक्षा कारणों से यून गुरुवार को केंद्रीय जिला न्यायालय में सुनवाई में शामिल नहीं हुए। माना जा रहा है याचिका पर शाम तक फैसला आने की उम्मीद है। 

सुनवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी के बीच यून के सैकड़ों समर्थक अदालत के पास सड़कों पर जमा रहे। उन्होंने बैनर लहराते हुए यून की रिहाई की मांग को लेकर नारे लगाए। अब यून का भाग्य सांविधानिक न्यायालय के हाथों में है। न्यायालय इस पर विचार कर रहा है कि क्या यून को औपचारिक रूप से पद से हटाया जाए या आरोपों को खारिज करके उन्हें बहाल किया जाए। यदि न्यायालय यून की औपचारिक गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करता है, तो भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ता उनकी हिरासत अवधि को 20 दिनों तक बढ़ा सकते हैं।

आपराधिक कानून में विशेषज्ञता रखने वाले वकील पार्क सुंग-बे ने कहा कि अगर विद्रोह और सत्ता के दुरुपयोग के संभावित आरोपों पर यून पर अभियोग लगाया जाता है तो वह अदालती फैसले तक गिरफ्तार रह सकते हैं। दक्षिण कोरिया के कानून के तहत अगर किसी विद्रोह के नेता को दोषी ठहराया जाता है तो उसे मौत की सज़ा या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।

तीन दिसंबर को यून ने लगाया था मार्शल लॉ
यून की ओर से 3 दिसंबर को मार्शल लॉ के एलान ने दक्षिण कोरियाई लोगों को सकते में डाल दिया था। हालांकि मार्शल लॉ केवल कुछ घंटे तक ही लागू रहा, लेकिन इसने देश की राजनीति, कूटनीति और वित्तीय बाजारों में हलचल मचा दी। इसके बाद एशिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक देश ने अचानक से अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल का दौर देखा। इसके बाद 14 दिसंबर को सांसदों ने उन पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के लिए मतदान किया। 


इसके बाद सियोल पश्चिमी जिला न्यायालय ने यून को हिरासत में लेने का वारंट 31 दिसंबर को जारी किया था, क्योंकि वह पूछताछ के लिए जांच अधिकारियों के समक्ष पेश नहीं हो रहे थे। जब जांच एजेंसी और पुलिस यून को गिरफ्तार करने पहुंची तो उनके समर्थक और राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा ने विरोध किया था। इस दौरान यून के वकीलों ने एक कानून का हवाला देते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी के पास विद्रोह के आरोपों की जांच करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। 

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