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यूक्रेन हमले का असर: नाटो के सदस्य बनने के करीब फिनलैंड और स्वीडन, नाखुश रूस ने चेताया
Thu, 12 May 2022 06:51 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 12 May 2022 06:51 PM IST
सार
2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद से फिनलैंड उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के साथ सहयोग के लिए धीरे- धीरे तैयार हुआ है।
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फिनलैंड की प्रधानमंत्री सनाम मरीन और क्रेमलिन के प्रवक्त दिमित्री पेसकोव
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच यूरोप के दो देश फिनलैंड और स्वीडन सैन्य संगठन नाटो के सदस्य बनने के करीब हैं। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा कि उनके देश को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से उत्पन्न खतरे के कारण बिना देरी नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए आवेदन करना चाहिए। वहीं फिनलैंड का पड़ोसी स्वीडन भी दशकों तक तटस्थ रास्ते पर चलने के बाद नाटो में शामिल होने के करीब है।
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रूस ने इस कदम से जताई नाखुशी
उधर, क्रेमलिन ने इसे लेकर नाखुशी जाहिर की है। उसने कहा है कि फिनलैंड के इस कदम से यूरोप में स्थिरता और सुरक्षा नहीं आएगी। यह कदम निश्चित रूप से एक खतरा है। रूस ने गुरुवार को चेतावनी देते हुए कहा कि नाटो में शामिल होने के लिए फिनलैंड का बयान एक शत्रुतापूर्ण कदम है। क्रेमलिन ने कहा कि वह जवाब देगा, लेकिन यह बताने से इनकार कर दिया कि यह कैसे होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नाटो सैन्य संपत्ति को 1,300 किमी फिनलैंड-रूसी सीमा की ओर कैसे ले जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों को रोकने के लिए जवाबी कदम उठाना होगा। हेलसिंकी को इस तरह के कदम की जिम्मेदारी और परिणामों के बारे में पता होना चाहिए।
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यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद बदले हालात
2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद से फिनलैंड उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के साथ सहयोग के लिए धीरे- धीरे तैयार हुआ है। लेकिन 24 फरवरी के बाद रूस से आक्रमण से यूक्रेन में हजारों लोग मारे गए, शहर तबाह हो गए और लाखों लोगों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसने फिनलैंड को नाटो में शामिल होने पर सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे पहले इस नॉर्डिक देश ने अपने पूर्वी पड़ोसी रूस के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए नाटो में शामिल होने से परहेज किया था।
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फिनलैंड ने कहा, बिना देरी नाटो के लिए आवेदन करना चाहिए
फिनलैंड के राष्ट्रपति सौली निनिस्टो और प्रधानमंत्री सना मारिन ने एक संयुक्त बयान में कहा कि फिनलैंड को बिना किसी देरी के नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करना चाहिए। हमें उम्मीद है कि यह फैसला लेने के लिए जरूरी अगले कुछ दिनों में तेजी से उठाए जाएंगे। फिनलैंड की संसद सोमवार को इस घोषणा पर बहस करेगी। अधिकांश सांसदों ने अपने समर्थन का संकेत पहले ही दे दिया है। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नाटो संगठन में शामिल होने की प्रक्रिया सुचारू और तेज होगी और फिनलैंड का संगठन में गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। फिनलैंड ने जनमत संग्रह में 76 फीसदी जनता ने इसके पक्ष में समर्थन किया है।