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Hindi News ›   World ›   The first choice of Indians has now become Canada instead of America due to old immigration rules

आव्रजन नीति: अमेरिका से ग्रीन कार्ड लेने के लिए 20 लाख भारतीयों को करना पड़ेगा इंतजार, अब कनाडा बन रहा नया ठिकाना

Thu, 15 Jul 2021 06:19 PM IST
प्रतिभा ज्योति वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 15 Jul 2021 06:19 PM IST
सार

पुरानी अमेरिकी आव्रजन नीतियों के कारण ही भारतीय अब संयुक्त राज्य अमेरिका की बजाए कनाडा का चयन कर रहे हैं। ग्रीन कार्ड के लिए प्रति देश कोटा निर्धारित करने से भारतीय प्रतिभाएं अमेरिका से दूर हो रही हैं। 

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The first choice of Indians has now become Canada instead of  America due to old  immigration rules
कनाडा का झंडा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Twitter

विस्तार

आव्रजन और नीति विशेषज्ञों ने अमेरिकी सांसदों के एक पैनल के सामने कहा है कि अमेरिका की आव्रजन नीतियां 90 के दशक की हैं। जबकि इन वर्षों में दुनिया बदल गई, लेकिन नीतियां वही रहीं है। इस वजह से भारतीयों की पसंद अब अमेरिका की जगह कनाडा बन गई है। 

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अमेरिका का ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए लगी है लंबी कतार
आव्रजन और नागरिकता पर हाउस ज्यूडिशियरी समिति-उपसमिति के सामने बयान देते हुए, नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी के स्टुअर्ट एंडरसन ने कहा कि बैकलॉग बढ़ रहा है और एक दशक के भीतर, 20 लाख से अधिक लोग ग्रीन कार्ड के लिए लाइन में इंतजार कर रहे होंगे और उन्हें सालों और दशकों तक इंतजार करना पड़ सकता है। 
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पीटीआई के मुताबिक एंडरसन ने कहा, भारतीयों के लिए सभी तीन रोजगार-आधारित श्रेणियों (ईबी 1, ईबी 2, ईबी 3) के लिए कुल बैकलॉग वर्तमान में 9,15,497 व्यक्तियों से बढ़कर एक अनुमान के हिसाब से 2030 तक 21,95,795 लोगों तक पहुंच जाएगा। मार्च 2021 में, वित्त वर्ष 2022 के लिए नियोक्ताओं ने केवल 85,000 H-1B आवेदनों के कैप चयन के लिए 3,08,613 H-1B पंजीकरण  कराया, जिसका साफ तौर पर मतलब है कि कुशल विदेशी नागरिकों के लिए H-1B पंजीकरण के 72 प्रतिशत मामले आवेदन के  मूल्यांकन से पहले ही खारिज कर दिए गए। 
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कनाडा में स्थायी निवास हासिल करना ज्यादा आसान

दूसरी ओर, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए अस्थायी स्थिति में काम करना और फिर कनाडा में स्थायी निवास प्राप्त करना आसान होता है। उत्तरी अमेरिका की प्रौद्योगिकी परिषदों के सीईओ जेनिफर यंग ने कहा कि महामारी से पहले कनाडा के आव्रजन नियमों ने कंपनियों को चार सप्ताह के ले उच्च कुशल विदेशी प्रतिभाओं को नियुक्त करने की अनुमति दी है।

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