Hindi News ›   World ›   The explosive effect of Brexit: tensions between UK and EU are increasing, armed security personnel face to face

ब्रेग्जिट का विस्फोटक असरः ब्रिटेन और ईयू के बीच बढ़ता ही जा रहा है तनाव, सुरक्षाकर्मी आमने-सामने

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, लंदन Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 07 May 2021 10:43 PM IST
सार

ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्सी द्वीप के आसपास अपने हथियारबंद नौसेना कर्मियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया, इससे क्षेत्र में बन रही खतरनाक हालत का संकेत मिला है।
 

BREXIT
BREXIT
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

ब्रेग्जिट के कारण इतनी जल्दी ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच गंभीर तनाव की स्थितियां बन जाएंगी, ब्रेग्जिट समझौते को अंतिम रूप देते समय इसका अनुमान नहीं लगाया गया था। लेकिन जर्सी द्वीप के आसपास मछली मारने के अधिकार को लेकर जिस तरह ब्रिटेन और फ्रांस ने अपने हथियारबंद नौसेना कर्मियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया, उससे उस क्षेत्र में बन रहे खतरनाक हालत का संकेत मिला है।    



मसला सिर्फ समुद्र में मछली मारने के अधिकार क्षेत्र का नहीं है। अब खबर आई है कि बिना वीजा या आवास प्रमाणपत्र के ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले ईयू देशों के नागरिकों को ब्रिटेन में हिरासत में लिया जा रहा है। ऐसे लोगों को आव्रजकों को वापस भेजने के लिए बनाए गए केंद्रों में रखा जा रहा है। इस खबर ने ब्रिटेन और ईयू के संबंधों को खासा तनावपूर्ण बना दिया है।


खबर है कि हिरासत में लेने के बाद आव्रजन केंद्रों में ईयू के कई नागरिकों को आव्रजन केंद्रों में सात दिन तक रखा गया। उनमें से कई लोगों को जबरन उनके देश वापस भेज दिया गया है। ईयू के राजनयिकों ने इस बारे में चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटेन ईयू के आव्रजकों के साथ भी वैसा ही बेरहम व्यवहार कर रहा है, जैसा बाकी महाद्वीपों के साथ आव्रजकों के साथ वह करता रहा है।

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने इस बारे में कोई औपचारिक ब्योरा जारी नहीं किया है कि इस साल से आरंभ से आव्रजन केंद्रों में ईयू के कितने लोगों को रखा गया। लेकिन वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू ने कहा है कि ऐसे कम से कम 30 लोगों की उसे खबर है। ये लोग जर्मनी, ग्रीस, इटली, रोमानिया और स्पेन के नागरिक हैं। राजनयिकों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में खराब व्यवहार कम कुशल कर्मियों के साथ हुआ है, जो थोड़े समय की नौकरी पाने के लिए ब्रिटेन गए। जब ब्रिटेन ईयू के सदस्य था, तब ऐसा आना-जाना आम बात थी।

ईयू के अधिकारियों ने कहा है कि कई लोगों को अनुचित ढंग से लंबी अवधि तक हिरासत में रखा गया। अब ईयू देशों की सरकारों ने इस मामले में साझा रुख तय करने का फैसला किया है, ताकि इस मसले को ब्रिटेन के सामने उठाया जा सके। गौरतलब है कि ब्रेग्जिट समझौते में ये प्रावधान है कि ब्रिटेन बिना वर्क वीजा या बिना ईयू सेटलमेंट स्टेटस स्कीम का प्रमाणपत्र वाले ईयू देशों के नागरिकों का ब्रिटेन में प्रवेश रोक सकता है। ईयू सेटलमेंट स्कीम स्टेटस उन लोगों को दिया गया है, जिन्होंने ब्रेग्जिट के पहले ब्रिटेन में अपना आवास बना लिया था। इन लोगों के अलावा ईयू देशों के पर्यटक ब्रिटेन आ सकते हैं। उन्हें 90 दिन तक ब्रिटेन में रहने की इजाजत है। जानकारों का कहना है कि इस रूप में ब्रिटेन का कदम अवैध नहीं है। लेकिन ब्रेग्जिट के समय उम्मीद की गई थी कि सद्भावना के तौर पर दोनों पक्ष एक दूसरे नागरिकों के साथ रहम से पेश आएंगे।

इस बीच जर्सी द्वीप का मामला फ्रांस और ब्रिटेन के बीच बड़े विवाद में तब्दील हो गया है। गुरुवार को ब्रिटिश सरकार ने वहां रॉयल नेवी (ब्रिटिश नौसेना) की दो नौकाएं तैनात कर दीं। ब्रिटेन का आरोप है कि फ्रांस की 80 नौकाओं ने इस द्वीप पर आवाजाही को रोकने की कोशिश की। ये द्वीप ब्रिटेन का है। लेकिन ब्रेग्जिट समझौते में प्रावधान है कि ब्रिटेन वहां मछली मारने के लाइसेंस देगा। फ्रांस का आरोप है कि ब्रिटेन इसका पालन नहीं कर रहा है। ईयू ने आरोप लगाया है कि ब्रिटेन इसके लिए ऐसी शर्तें लगा रहा है, जिसका प्रावधान ब्रेग्जिट करार में नहीं है। ईयू के प्रवक्ता ने कहा कि जब तक ब्रिटेन नई शर्तों के तर्क नहीं बताता, उन्हें लागू नहीं किया जाना चाहिए। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00