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टाइम मैगजीन के बाद अब दि इकोनॉमिस्ट ने की हमारे देश पर अमर्यादित टिप्पणी

Fri, 24 Jan 2020 02:23 PM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 24 Jan 2020 02:23 PM IST
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The Economist London Magazine Intolerant India On PM Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

टाइम मैगजीन के बाद ब्रिटेन की साप्ताहिक पत्रिका दि इकोनॉमिस्ट ने भारत की लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते हुए एक लेख के जरिये इस पर अशोभनीय टिप्पणी की है। लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कट्टर हिंदूवादी बताते हुए लिखा गया है कि वे सहिष्णु समाज वाले भारत को उग्र राष्ट्रवाद से भरा हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।

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ब्रिटेन की साप्ताहिक पत्रिका दि इकोनॉमिस्ट ने गुरुवार को 25 से 31 जनवरी के लिए अपना प्रिंट संस्करण जारी किया। इस संस्करण का शीर्षक था, 'असहिष्णु भारत: मोदी कैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को खतरे में डाल रहे हैं।'
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दि इकोनॉमिस्ट के इस अंक में तीन लेख ऐसे हैं जो मोदी सरकार की नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लकर आलोचना करता है। इसके अलावा इनमें आर्थिक सुधारों को लागू न करने के लिए और मंदी की स्थिति को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा गया है।
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पत्रिका ने भारत के सांवैधानिक मूल्यों के खिलाफ लिखा कि भारत के मुसलमानों को डर है कि पीएम मोदी एक हिंदू राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं। इस योजना में एनआरसी, अयोध्या आंदोलन के साथ शुरू हुआ अभी तक का सबसे महत्वाकांक्षी कदम जैसा दिखता है।

भाजपा के लिए जो चुनावी अमृत वो भारत के लिए जहर
इकोनॉमिस्ट ने यहां तक लिखा कि भाजपा के लिए जो चुनावी अमृत रहा है, वह भारत के लिए राजनीतिक जहर की तरह है। संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों को दरकिनार करते हुए मोदी की नवीनतम पहल (एनआरसी-सीएए) भारत के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।

लेख में यह भी लिखा कि पीएम मोदी अपने वोटरो को लुभाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। जो मुसलमानों के प्रति इस रवैये पर मोदी सरकार के साथ है। ये उन्हें प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए पर्याप्त हैं।

बजट को बताया सरकार का दिखावा
भारत की अर्थव्यवस्था पर दि इकोनॉमिस्ट ने चेतावनी देते हुए रेलवे टिकट, मोबाइल टैरिफ और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी का हवाला दिया है। उसने लिखा कि कीमतों में वृद्धि आर्थिक मंदी से लड़ने के सरकार के प्रयासों को जटिल करेगा। पत्रिका ने लिखा कि आगामी बजट में सरकार द्वारा एक और दिखावे की उम्मीद है।

टाइम भी कर चुका है पीएम मोदी पर अशोभनीय लेख, बाद में की तारीफ

बता दें कि 10 मई को टाइम मैगजीन में छपे आतिश तासीर के लेख में पीएम मोदी को ‘भारत का डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘प्रमुख विभाजनकारी’ बताया गया था। जिसके बाद इस लेख पर काफी विवाद हुआ था। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रकाशित इस लेख का इस्तेमाल मोदी के विरोधियों ने प्रचार में खूब इस्तेमाल किया था, जिसकी मोदी समर्थकों ने आलोचना की थी। इस लेख में तासीर ने लिंचिंग के मामलों और यूपी में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने समेत कई बातों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की थी। 

टाइम ने पीएम मोदी को बताया था- देश को एक सूत्र में पिरोने वाला पीएम
28 मई को टाइम की वेबसाइट पर यह लेख ‘मोदी हेड यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ शीर्षक से छापा गया है जिसका अर्थ है- ‘मोदी ने भारत को इस तरह एकजुट किया है जितना दशकों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया’।

संकटग्रस्त पत्रिका है ‘टाइम’
‘टाइम’ एक संकटग्रस्त अंतरराष्ट्रीय पत्रिका है, जिसका स्वामित्व एक ही साल के भीतर दो हाथों में जा चुका है। पिछले साल मार्च में इसे बेटर होम्स और गार्डन्स जैसी पत्रिकाओं के प्रकाशक मेरेडिथ ने खरीदा था। उसके बाद सितंबर में यह दोबारा बिकी, जब इसे सेल्सफोर्स के संस्थापक और टेक उद्यमी मार्क बेनिऑफ तथा उनकी पत्नी ने खरीदा।

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