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पाकिस्तान के खिलाफ पीओके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, नापाक गतिविधियों से आजादी की मांग

Thu, 11 Jul 2019 06:13 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Nilesh Kumar Updated Thu, 11 Jul 2019 06:13 AM IST
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The anti-Pak slogans launched during the 41st session of the UN Human Rights Council
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

पाकिस्तान भले ही कश्मीर में भारत द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन का मामला विश्व बिरादरी के सामने उठाने की नाकाम कोशिशें करता रहा है, लेकिन दुनिया के सामने वह खुद बेनकाब हो रहा है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 41वें सत्र के दौरान यूरोप और ब्रिटेन में रह रहे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोगों ने पाक के खिलाफ प्रदर्शन कर एक बार फिर इसकी पोल खोली।

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पीओके के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान हाथों में पाकिस्तान विरोधी तख्तियां ले रखी थीं जिनमें पाक के खिलाफ नारे लिखे थे। इन प्रदर्शनकारियों ने पीओके में पाकिस्तानी गतिविधियों के खिलाफ नारे लगाए और दमन चक्र के खिलाफ आजादी की मांग रखी। 
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी अधिकारी इलाके के संसाधनों का दोहन कर यहां से एकत्रित धन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहे आतंकी शिविरों में कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने गिलगित बाल्टिस्तान और पीओके के लोगों की दुर्दशा पर भी प्रकाश डाला। 
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उन्होंने न्यायपालिका के खराब हालातों को भी उठाया जो सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दखल के बीच पक्षपात भरे फैसले सुना रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाक यहां आतंकियों की अवैध सुरक्षित पनाहगाहें बनाकर भारत और अफगानिस्तान सीमा पर घुसपैठ की गतिविधियां भी चलाता है।

हालातों के लिए चीन-पाक सहयोग जिम्मेदार

युनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के चेयरमैन शौकत अली कश्मीरी ने कहा, ‘हमने यह प्रदर्शन पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन और गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए किया है।’ उन्होंने कहा, ‘क्षेत्र में लोगों की आवाज दबाई जा रही है। पाकिस्तान और चीन का सहयोग लोगों की इस दशा के लिए जिम्मेदार है।’ 


शौकत ने कहा, ‘हमने प्रदर्शन के जरिए आतंकी शिविरों को खत्म करने की मांग की है। हमने राजनीतिक बंदियों की रिहाई और निष्पक्षता की मांग की है। हमने न्यायिक मामलों में खुफिया एजेंसियों का दखल बंद करने की भी मांग की है।’ 

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