लॉकडाउन के बीच बेरोजगारों की भर्ती की फिराक में है आतंकी संगठन
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कोरोना वायरस के संक्रमण से एक ओर जहां भारत समेत पूरी दुनिया त्रस्त है, वहीं, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे पाकिस्तान स्थित कई आतंकी संगठन इसका फायदा उठाने की फिराक में हैं।
ये आतंकी संगठन खराब अर्थव्यवस्था के चलते बेरोजगार हुए युवाओं को गुमराह कर उन्हें आतंकी बना भर्ती करने में लगे हैं। ऐसे में सरकारों को सतर्क रहने की जरूरत है, नहीं तो हालात बदतर हो सकते हैं। यह दावा बेल्जियम के थिंक टैंक साउथ एशिया डेमोक्रेटिक फ्रंट ने किया है।
फ्रंट के निदेशक डॉ. सिगफ्राइड वुल्फ के मुताबिक, अरसे से जिहादी समूह आर्थिक संकट में लोगों को बरगलाते रहे हैं। खासकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में।
एजेंसियां-सोशल मीडिया करे बेनकाब
फ्रांस में निर्वासित होकर रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने कहा, महामारी के दौरान कट्टरपंथी समूह और इस्लामी आतंकी अपनी नापाक हरकतों को पूरा करने के लिए एकजुट हो सकते हैं। इस वक्त सुरक्षा एजेंसियों और सोशल मीडिया को इन आतंकी समूहों को बेनकाब करने और रोकने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। दक्षिण एशिया के विशेषज्ञ जुनैद कुरैशी के मुताबिक, ऐसे में ऐसी खबरें तकलीफ देने वाली होती हैं।