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Telegram: गिरफ्तारी के बाद टेलीग्राम सीईओ पावेल ड्यूरोव का भविष्य अधर में लटका, आज होगा हिरासत पर फैसला
Wed, 28 Aug 2024 10:28 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 28 Aug 2024 10:28 AM IST
सार
पावेल को हाल ही में पेरिस के ले बॉर्गेट एयरपोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया था। फ्रांस में टेलीग्राम पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है। जिनके आधार पर फ्रांस की सरकार ने पावेल ड्यूरोव को गिरफ्तार किया था।
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पावेल ड्यूरोव
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मैसेजिंग एप टेलीग्राम के संस्थापक और प्रमुख पावेल ड्यूरोव की फ्रांस में गिरफ्तारी के बाद अब सभी की निगाहें बुधवार को अदालत के आदेश पर लगी हैं। दरअसल बुधवार को फ्रांस की अदालत ये तय करेगी कि पावेल ड्यूरोव को हिरासत में रखा जाएगा या नहीं। पावेल को हाल ही में पेरिस के ले बॉर्गेट एयरपोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया था। फ्रांस में टेलीग्राम पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है। जिनके आधार पर फ्रांस की सरकार ने पावेल ड्यूरोव को गिरफ्तार किया था।
आज होगा हिरासत पर फैसला
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ड्यूरोव की गिरफ्तारी न्यायिक जांच के चलते हुई है और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। इस मामले में फैसला करना न्यायाधीश पर निर्भर है। रूस ने ड्यूरोव की गिरफ्तारी की आलोचना की है। रूस की सरकार ने कहा कि 'ड्यूरोव की गिरफ्तारी संचार की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने का सीधा प्रयास है और यह एक बड़ी कंपनी के प्रमुख को सीधे तौर पर डराने की कोशिश है।' वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने अपने देश के नागरिक की गिरफ्तारी पर कहा कि वह मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और उन्होंने अपने नागरिक को काउंसलर एक्सेस मुहैया कराने का अनुरोध किया है। दिग्गज अरबपति एलन मस्क ने भी पावेल ड्यूरोव का समर्थन किया है और उन्हें रिहा करने की अपील की है।
15 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं ड्यूरोव
जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फ्रांस में ड्यूरोव के खिलाफ 8 जुलाई को गोपनीय रूप जांच शुरू की गई। ड्यूरोव पर टेलीग्राम पर चरमपंथी सामग्री को रोकने में विफल रहने से संबंधित 12 अपराधों के आरोप हैं। पावेल ड्यूरोव ने एक दशक पहले टेलीग्राम की शुरुआत की थी। टेलीग्राम के आज दुनियाभर में 90 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। पावेल के पास रूस, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिकता है। फिलहाल पावेल दुबई में रह रहे थे। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, ड्यूरोव की वर्तमान संपत्ति करीब 15.5 अरब डॉलर है। ड्यूरोव की गिरफ्तार पर यह सवाल भी उठ रहा है कि वह पेरिस क्यों गए, जबकि उन्हें पता था कि फ्रांस में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है!
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बाकू से पेरिस जाने पर भी उठ रहे सवाल
पावेल ड्यूरोव अजरबैजान की राजधानी बाकू से पेरिस पहुंचे और उनकी पेरिस में डिनर की योजना थी। पावेल के साथ एक निजी अंगरक्षक और उनका एक सहायक भी था। गौरतलब है कि 18-19 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी बाकू का दौरा किया था। हालांकि रूस सरकार ने पुतिन और पावेल की मुलाकात से इनकार किया है। टेलीग्राम पर धोखाधड़ी, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर बुलिंग, संगठित अपराध और आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप हैं। पावेल की गिरफ्तारी पर टेलीग्राम ने अपने एक बयान में कहा है कि प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए प्लेटफॉर्म या उसके मालिक को जिम्मेदार ठहराना बेतुका है।
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आज होगा हिरासत पर फैसला
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ड्यूरोव की गिरफ्तारी न्यायिक जांच के चलते हुई है और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। इस मामले में फैसला करना न्यायाधीश पर निर्भर है। रूस ने ड्यूरोव की गिरफ्तारी की आलोचना की है। रूस की सरकार ने कहा कि 'ड्यूरोव की गिरफ्तारी संचार की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने का सीधा प्रयास है और यह एक बड़ी कंपनी के प्रमुख को सीधे तौर पर डराने की कोशिश है।' वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने अपने देश के नागरिक की गिरफ्तारी पर कहा कि वह मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और उन्होंने अपने नागरिक को काउंसलर एक्सेस मुहैया कराने का अनुरोध किया है। दिग्गज अरबपति एलन मस्क ने भी पावेल ड्यूरोव का समर्थन किया है और उन्हें रिहा करने की अपील की है।
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15 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं ड्यूरोव
जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फ्रांस में ड्यूरोव के खिलाफ 8 जुलाई को गोपनीय रूप जांच शुरू की गई। ड्यूरोव पर टेलीग्राम पर चरमपंथी सामग्री को रोकने में विफल रहने से संबंधित 12 अपराधों के आरोप हैं। पावेल ड्यूरोव ने एक दशक पहले टेलीग्राम की शुरुआत की थी। टेलीग्राम के आज दुनियाभर में 90 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। पावेल के पास रूस, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की नागरिकता है। फिलहाल पावेल दुबई में रह रहे थे। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, ड्यूरोव की वर्तमान संपत्ति करीब 15.5 अरब डॉलर है। ड्यूरोव की गिरफ्तार पर यह सवाल भी उठ रहा है कि वह पेरिस क्यों गए, जबकि उन्हें पता था कि फ्रांस में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है!
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बाकू से पेरिस जाने पर भी उठ रहे सवाल
पावेल ड्यूरोव अजरबैजान की राजधानी बाकू से पेरिस पहुंचे और उनकी पेरिस में डिनर की योजना थी। पावेल के साथ एक निजी अंगरक्षक और उनका एक सहायक भी था। गौरतलब है कि 18-19 अगस्त को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी बाकू का दौरा किया था। हालांकि रूस सरकार ने पुतिन और पावेल की मुलाकात से इनकार किया है। टेलीग्राम पर धोखाधड़ी, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर बुलिंग, संगठित अपराध और आतंकवाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप हैं। पावेल की गिरफ्तारी पर टेलीग्राम ने अपने एक बयान में कहा है कि प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के लिए प्लेटफॉर्म या उसके मालिक को जिम्मेदार ठहराना बेतुका है।
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