ट्रंप के वार्ता रद्द करने पर रूस की शरण में पहुंचा तालिबान, राजनयिकों से मिला प्रतिनिधिमंडल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका से अफगानिस्तान को लेकर शांति वार्ता रद्द होने के बाद तालिबान अब रूस की शरण में पहुंच गया है। तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल ने शांति प्रक्रिया पर हालिया प्रगति के संबंध में रूस के विशेष राजदूत जमीर काबुलोव से राजधानी मास्को में चर्चा की।
समाचार एजेंसी तास ने कतर स्थित तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सोहेल शाहीन के हवाले से कहा, ‘प्रतिनिधिमंडल मास्को में है। हम अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया की हालिया प्रगति पर चर्चा करने के लिए काबुलोव से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं।’
मास्को में वार्ता के दौरान तालिबान के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वह वाशिंगटन के साथ वार्ता करने के लिए तैयार है। रूसी पक्ष ने अमेरिका और तालिबान के बीच वार्ता बहाली की जरूरत पर जोर दिया। रूसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मॉस्को मानता है कि तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत बहाल होनी चाहिए।
तालिबान की पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा
अमेरिका के साथ वार्ता के प्रयास नाकाम होने के बाद तालिबान की यह पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुल्ला शेर मोहम्मद स्टानिकजई कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह शनिवार को तालिबान से वार्ता रद्द करने की घोषणा कर दी थी। ट्रंप ने काबुल में करीब दो सप्ताह पहले हुए आतंकी हमले के बाद तालिबान से वार्ता रद्द करने का फैसला किया था।
चुनाव पहले, शांति वार्ता बाद में: अफगानिस्तान
इस बीच, अफगानिस्तान के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि देश में अगले महीने आम चुनाव संपन्न कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। राष्ट्रपति के प्रवक्ता सादिक सेदिकी ने कहा कि तालिबान के साथ आधिकारिक शांति वार्ता राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही संभव हो सकता है।