Syria: सीरिया ने असद समर्थकों के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को रोका, तटीय क्षेत्र में हो रही हिंसा थमेगी
सीरिया की अंतरिम सरकार ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति बशर असद के समर्थकों के खिलाफ तटीय क्षेत्र में कई दिनों से चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त का एलान किया। लटकिया में पुलिस गश्ती दल पर अलावी समुदाय के बंदूकधारियों की ओर से किए गए हमले के बाद रक्षा मंत्रालय ने यह घोषणा की। इसके बाद हिंसा में कमी आने की उम्मीद है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीरिया की अंतरिम सरकार ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति बशर असद के समर्थकों के खिलाफ तटीय क्षेत्र में कई दिनों से चल रहे सैन्य अभियान को समाप्त का एलान किया। लटकिया में पुलिस गश्ती दल पर अलावी समुदाय के बंदूकधारियों की ओर से किए गए हमले के बाद रक्षा मंत्रालय ने यह घोषणा की। इसके बाद हिंसा में कमी आने की उम्मीद है।
सीरिया की नई अंतरिम सरकार देश में अपना अधिकार जमाने और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ राजनीतिक समझौता करने के लिए संघर्ष कर रही है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल हसन अब्देल-गनी ने कहा कि पराजित शासन के समर्थकों और उसके भागे हुए अधिकारियों के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है। यदि आप वापस लौटते हैं, तो हम भी वापस लौटेंगे और आप अपने सामने ऐसे लोगों को पाएंगे जो पीछे हटना नहीं जानते और जो उन लोगों पर दया नहीं करेंगे जिनके हाथ निर्दोष लोगों के खून से रंगे हैं। अब्देल-गनी ने कहा कि सुरक्षा बल स्लीपर सेल और पूर्व सरकार के वफादारों की तलाश जारी रखेंगे।
अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि अलावी नागरिकों के खिलाफ जवाबी हमले और कैदियों के साथ दुर्व्यवहार अलग-अलग घटनाएं थीं। उन्होंने घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन करते हुए अपराधियों पर नकेल कसने की कसम खाई है। अब्देल-गनी का कहना है कि सुरक्षा बल समिति को घटनाओं की परिस्थितियों को उजागर करने, तथ्यों को सत्यापित करने और गलत कामों को सुधारने का पूरा मौका दिया जाएगा।
सीरिया में अब क्यों भड़की हिंसा?
असद सरकार के पतन के बाद सुन्नी बहुल नई सरकार ने सत्ता संभाली, लेकिन अलवियों के खिलाफ हिंसा जारी रही। कट्टर सुन्नी गुट अलवियों को असद शासन का समर्थक मानकर हमला कर रहे हैं। इस दौरान कई आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया। संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब सरकार ने एक वांछित अपराधी को अलावी बहुल गांव से गिरफ्तार किया। इसके बाद असद समर्थक लड़ाकों ने सरकारी सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया और असद के गृहनगर कर्दाहा पर कब्जा कर लिया। हालांकि, सरकारी सेना ने जवाबी कार्रवाई कर इलाके पर दोबारा नियंत्रण कर लिया। बताया जा रहा है कि झड़पों में 1,130 लोग मारे गए हैं, जिनमें 830 नागरिक शामिल थे।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने की नरसंहार रोकने की अपील
सीरिया में हो रही हिंसा को लेकर अमेरिका समेत कई देश चिंतित हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को सीरियाई अधिकारियों से "इन नरसंहारों के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। रुबियो ने कहा कि अमेरिका सीरिया के धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के साथ खड़ा है।
लेबनान भागे हजारों सीरियाई
असद समर्थकों और सैन्य बलों के बीच हुई हिंसा को लेकर तटीय क्षेत्र से हजारों सीरियाई लोग पड़ोसी लेबनान भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि स्थानीय अधिकारियों के अनुसार लड़ाई से भागकर उत्तरी लेबनान के अक्कर प्रांत के लगभग एक दर्जन गांवों में 6,078 लोग पहुंचे हैं।
संबंधित वीडियो
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.